{"_id":"622cf8bafd0e0f418872f01d","slug":"when-the-car-took-the-crane-the-soldier-was-beaten-up-the-uniform-was-torn-city-news-drn40628106","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाड़ी को क्रेन ले गई तो सिपाही से कर डाली मारपीट, वर्दी फाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाड़ी को क्रेन ले गई तो सिपाही से कर डाली मारपीट, वर्दी फाड़ी
विज्ञापन
नो पार्किंग में खड़ी गाड़ी को क्रेन ले गई तो गाड़ी मालिक ने सिपाही से मारपीट कर दी। मारपीट करने वाले तीन युवक थे, जिनमें एक नौ सेना का कर्मचारी बताया जा रहा है। आरोप है कि तीनों नशे में धुत थे और उन्होंने सिपाही की वर्दी भी फाड़ डाली। मौके पर हंगामा हुआ और पुलिस उन्हें कोतवाली ले आई। यहां पीड़ित सिपाही की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
इनामुल्ला बिल्डिंग के सामने कुछ सीपीयू कर्मचारी एक गाड़ी में लगे क्लैंप को खोलने आए थे। उन्होंने चौक पर खड़े सिपाही से क्लैंप ली और उसे खोलकर सिपाही को दे दिया। सीपीयू कर्मचारी वहां से चले गए। इस बीच तीन युवक वहां आए और मौके पर तैनात सिपाही से अपनी गाड़ी के बारे में पूछा। सिपाही ने कहा कि उनकी गाड़ी यहां नहीं है तो उसे क्रेन उठाकर ट्रैफिक ऑफिस ले गई है। उन्होंने सिपाही से ट्रैफिक ऑफिस का रास्ता पूछा। सिपाही ने रास्ता बता दिया और वह भी उनके साथ चल रहा था। जैसे ही दून अस्पताल चौक के सामने पहुंचे तो उन्होंने फिर रास्ता पूछा। इस पर सिपाही ने उन्हें ट्रैफिक ऑफिस की ओर इशारा करते हुए सीधे जाने के लिए कह दिया। इस पर तीनों युवक गुस्सा हो गए और सिपाही को गालियां देने लगे। सिपाही ने विरोध किया तो आरोप है कि तीनों युवकों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। तीनों ने सिपाही को पीटा और वर्दी भी फाड़ दी। इसके बाद वहां पर स्थानीय लोग एकत्र हो गए। उन्होंने बीच-बचाव की कोशिश की। इसी दौरान वहां ट्रैफिक के कुछ और सिपाही आ गए, जिन्होंने तीनों युवकों को काबू किया और कोतवाली से पुलिस बुला ली। पुलिस तीनों को कोतवाली ले आई। यहां सिपाही ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालना आदि आरोप में तहरीर दी है। कोतवाल कैलाश चंद भट्ट ने बताया कि सिपाही की तहरीर पर कार्रवाई की जा रही है।
मेडिकल में हुई शराब की पुष्टि
तीनों युवकों ने शराब पी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी उन्हें इस बात को लेकर मौके पर तमाम बातें कहीं। इसके बाद पुलिस ने उनका मेडिकल कराया। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपियों के शराब पीने की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
क्लैंप लगी हो तो झगड़ें नहीं यह काम करें
इन दिनों शहर में नो पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में क्लैंप लगाई जा रही है। इसमे अक्सर टकराव की स्थिति बन रही है। ऐसा इसके प्रचार में कमी के कारण भी हो रहा है। यदि आपकी कार में क्लैंप लगाई गई है तो ध्यान रखें किसी सिपाही से बहस न करें। क्लैंप के ऊपर एक मोबाइल नंबर लिखा होता है। यह मोबाइल नंबर ट्रैफिक पुलिस का होता है। नंबर पर कॉल करेंगे तो कुछ देर बाद ट्रैफिक कर्मचारी वहां पहुंचेंगे। क्लैंप लगाने के बाद इसकी चाभी चौक पर खड़े सिपाही को दे दी जाती है। ट्रैफिक कर्मचारी इस सिपाही से चाभी लेकर आपका चालान करने के बाद क्लैंप खोल देते हैं।
विज्ञापन
इनामुल्ला बिल्डिंग के सामने कुछ सीपीयू कर्मचारी एक गाड़ी में लगे क्लैंप को खोलने आए थे। उन्होंने चौक पर खड़े सिपाही से क्लैंप ली और उसे खोलकर सिपाही को दे दिया। सीपीयू कर्मचारी वहां से चले गए। इस बीच तीन युवक वहां आए और मौके पर तैनात सिपाही से अपनी गाड़ी के बारे में पूछा। सिपाही ने कहा कि उनकी गाड़ी यहां नहीं है तो उसे क्रेन उठाकर ट्रैफिक ऑफिस ले गई है। उन्होंने सिपाही से ट्रैफिक ऑफिस का रास्ता पूछा। सिपाही ने रास्ता बता दिया और वह भी उनके साथ चल रहा था। जैसे ही दून अस्पताल चौक के सामने पहुंचे तो उन्होंने फिर रास्ता पूछा। इस पर सिपाही ने उन्हें ट्रैफिक ऑफिस की ओर इशारा करते हुए सीधे जाने के लिए कह दिया। इस पर तीनों युवक गुस्सा हो गए और सिपाही को गालियां देने लगे। सिपाही ने विरोध किया तो आरोप है कि तीनों युवकों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। तीनों ने सिपाही को पीटा और वर्दी भी फाड़ दी। इसके बाद वहां पर स्थानीय लोग एकत्र हो गए। उन्होंने बीच-बचाव की कोशिश की। इसी दौरान वहां ट्रैफिक के कुछ और सिपाही आ गए, जिन्होंने तीनों युवकों को काबू किया और कोतवाली से पुलिस बुला ली। पुलिस तीनों को कोतवाली ले आई। यहां सिपाही ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालना आदि आरोप में तहरीर दी है। कोतवाल कैलाश चंद भट्ट ने बताया कि सिपाही की तहरीर पर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
मेडिकल में हुई शराब की पुष्टि
तीनों युवकों ने शराब पी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी उन्हें इस बात को लेकर मौके पर तमाम बातें कहीं। इसके बाद पुलिस ने उनका मेडिकल कराया। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपियों के शराब पीने की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
क्लैंप लगी हो तो झगड़ें नहीं यह काम करें
इन दिनों शहर में नो पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में क्लैंप लगाई जा रही है। इसमे अक्सर टकराव की स्थिति बन रही है। ऐसा इसके प्रचार में कमी के कारण भी हो रहा है। यदि आपकी कार में क्लैंप लगाई गई है तो ध्यान रखें किसी सिपाही से बहस न करें। क्लैंप के ऊपर एक मोबाइल नंबर लिखा होता है। यह मोबाइल नंबर ट्रैफिक पुलिस का होता है। नंबर पर कॉल करेंगे तो कुछ देर बाद ट्रैफिक कर्मचारी वहां पहुंचेंगे। क्लैंप लगाने के बाद इसकी चाभी चौक पर खड़े सिपाही को दे दी जाती है। ट्रैफिक कर्मचारी इस सिपाही से चाभी लेकर आपका चालान करने के बाद क्लैंप खोल देते हैं।