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उत्तर हिमालय में होगी मौसम की सटीक निगहबानी
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 17 May 2017 01:11 PM IST
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आने वाले दो वर्षों के दौरान उत्तर हिमालय में मौसम की और ज्यादा सटीक निगहबानी हो सकेगी। यह मुमकिन होगा डॉप्लर रडारों की श्रृंखला से, जिसे भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है।
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बहुप्रतिक्षित 10 डॉप्लर रडार योजना के बाद केंद्र ने 50 और छोटे डॉप्लर रडार लगाने को मंजूरी दी है। उत्तराखंड में ऐसे तीन छोटे डॉप्लर रडार लगाए जाएंगे। यह खुलासा मौसम विज्ञान विभाग के उप महानिदेशक डॉ. देवेंद्र प्रधान ने किया।
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प्रधान देहरादून में आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक कार्यशाला में शिरकत करने आए थे। इस दौरान ‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने बताया कि छोटे डॉप्लर रडार लगाए जाने से स्थानीय स्तर पर होने वाले वातावरणीय बदलाव की जानकारी मिल सकेगी।
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उनके अनुसार, हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में छोटे डॉप्लर रडार स्थापित होंगे। इन्हें लगाने में दो से तीन साल का वक्त लगेगा। विभाग की प्राथमिकता 10 बड़े डॉप्लर रडार पहले लगाए जाने की है।
केंद्र से निविदाएं बुलाए जाने को मंजूरी दिए जाने के बाद जल्द ही इसकी प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। उनके मुताबिक, आने वाले वर्षों में तीनों हिमालयन राज्यों में डॉप्लर रडार की सीरीज तैयार हो जाने के बाद मौसम की सटीक भविष्यवाणी हो सकेगी।
पब्लिक अलर्ट के लिए लगेंगी बड़ी स्क्रीन
मौसम के संबंध में पब्लिक को अलर्ट करने के लिए जिला मुख्यालयों में बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगेंगी, जिनमें आईएमडी द्वारा की जाने वाली चेतावनी, एडवाइजरी और तापमान से संबंधित जानकारी एवं सूचनाएं प्रसारित होंगी। सचिव आपदा प्रबंधन अमित सिंह नेगी के मुताबिक, इस संबंध में सभी कलेक्टरों को पत्र भेजा गया है कि वे स्क्रीन लगाने के लिए लोकेशन चिह्नित करें।
आईएमडी का वेदर एप जल्द
आम नागरिकों को मौसम की सटीक और विश्वसनीय जानकारी देने के लिए आईएमडी जल्द ही अपना वेदर एप लांच करेगा। विभाग के उपमहानिदेशक डॉ. प्रधान के मुताबिक, इस एप के जरिये अपने शहर का अगले एक हफ्ते का पूर्वानुमान जाना जा सकेगा। साथ ही इसमें फीड बैक का विकल्प भी दिया जाएगा।
यहां स्थापित होंगे बड़े डॉप्लर रडार
डॉ. देवेंद्र प्रधान के मुताबिक, उत्तराखंड में मसूरी, नैनीताल और चमोली या पिथौरागढ़ में से किसी एक स्थान पर डॉप्लर रडार लगाया जाएगा। हिमाचल के भुंतर, डलहौजी और शिमला के लिए डॉप्लर रडार मंजूर किए गए हैं। जम्मू और कश्मीर में लेह, जम्मू, बनिहाल और अमरनाथ यात्रा मार्ग पर किसी स्थान पर राडार लगाने की योजना है। दोे-तीन साल बाद तीन से चार और छोटे रडार लगाने की प्रक्रिया आरंभ होगी।