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उत्तराखंडः डाकपत्थर बैराज से छोड़ा गया 1.81 लाख क्यूसेक पानी, दिल्ली और हरियाणा की बढ़ेगी चिंता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विकासनगर (देहरादून)।
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:35 AM IST
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डाकपत्थर बैराज से छोड़े जा रहे पानी के बीच कुछ इस तरह उफान पर नजर आई यमुना।
- फोटो : amar ujala
पहाड़ों पर हो रही बारिश का पानी मैदान में भी कहर बरपा सकता है।
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डाकपत्थर बैराज से यमुना नदी में लगातार छोडे़ जा रहे पानी से हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसकी जानकारी होते ही हरियाणा के अधिकारियों की पेशानी पर बल डाल दिए हैं। डाकपत्थर बैराज से शुक्रवार शाम छह बजे से 24 घंटे में 1.81 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है, जिससे हरियाणा स्थित हथिनीकुंड बैराज में पानी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा है।
इस पर हरियाणा सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजीव बंसल ने शुक्रवार को डाकपत्थर पहुंच कर उत्तराखंड जल विद्युत निगम के जीएम इरशाद अली से मुलाकात की थी। उन्होंने यमुना में लगातार बढ़ रहे जलस्तर पर कहा कि डाकपत्थर बैराज से लगातार यमुना नदी में छोड़े जा रहे पानी से हथिनीकुंड बैराज और आसपास के इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
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व्हाट्सएप ग्रुप से होगा सूचना का आदान प्रदान
डाकपत्थर बैराज से छोड़े जा रहे पानी के बीच कुछ इस तरह उफान पर नजर आई यमुना।
- फोटो : amar ujala
ऐसे में यदि उन्हें समय रहते यहां नदी से छोडे़ जा रहे पानी के बारे में जानकारी मिल जाए तो वह समय रहते बाढ़ से बचाव के उपाय कर सकते हैं। जिस पर निगम के अधिकारियों ने उन्हें मदद और सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्य अभियंता ने डाकपत्थर बैराज में यूजेवीएनएल के अधिकारियों से जानकारी ली।
बैठक में आपसी विचार विमर्श के बाद अधिकारियों ने अपडेट रहने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का निर्णय लिया है। जिसमें दिल्ली जल बोर्ड, हरियाणा सिंचाई विभाग और यूजेवीएनएल से संबंधित विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
बैठक में आपसी विचार विमर्श के बाद अधिकारियों ने अपडेट रहने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का निर्णय लिया है। जिसमें दिल्ली जल बोर्ड, हरियाणा सिंचाई विभाग और यूजेवीएनएल से संबंधित विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है।