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भालू के आतंक से घरों में कैद हुए ग्रामीण
अमर उजाला, कर्णप्रयाग
Updated Sat, 12 Oct 2013 10:13 AM IST
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कर्णप्रयाग क्षेत्र के धनपुर रेंज में बसे गांवों में भालू के आतंक से ग्रामीण भयभीत हैं। हालांकि वन विभाग के अधिकारी गांवों के समीप जंगलों में गश्त कर ग्रामीणों का डर कम करने में जुटे हैं।
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लगातार हो रहे हमलों के बाद ग्रामीण अकेले घर से बाहर जाने से भी डर रहे हैं। गुरुवार को ब्लाक के चौंडली गांव के नरेंद्र सिंह को घायल कर दिया था।
महिला को भालू ने घायल किया
पिछले सप्ताह ईड़ा गांव में एक महिला को भालू ने घायल किया। उसके बाद गांव से एक भैंस के बच्चे को भी भालू उठा ले गया। ऐसे में ग्रामीण भयभीत है।
चौंडली के दुलर्भ सिंह ने बताया कि पालतू मवेशियों और ग्रामीणों पर लगातार हो रहे भालू के हमले से ग्रामीणों में खौफ है। चौंडली, जाख, ईड़ा, बधाणी, रिठोली, पलेठी, पाडली और आसपास के गांवों से स्कूली बच्चे और दुकानदार कर्णप्रयाग बाजार आते हैं।
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जंगलों में गश्त करने के लिए निर्देश
महिलाएं घास के लिए और चरवाहे मवेशियों के लिए जंगलों में जाते हैं, लेकिन भालू के बढ़ते हमलों ने ग्रामीणों की दिनचर्या को स्थिर कर दिया है।
इधर, धनपुर रेंज के वन दारोगा देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वो खुद प्रभावित क्षेत्र में हैं। वन बीट अधिकारी प्रकाश सिंह नेगी सहित अन्य कर्मियों को भी जंगलों में गश्त करने के लिए निर्देशित किया गया है। भालुओं के समूह में होने की आशंका है जिन्हें भगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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