विजय दिवस 2019: सैनिकों व आश्रितों को मिलेगी हर संभव सहायता - त्रिवेंद्र सिंह रावत
- विजय दिवस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर अर्पित किया पुष्पचक्र
- 1971 के भारत-पाक युद्ध के जाबांजों के साथ ही वीर नारियों व पूर्व सैनिकों को किया सम्मानित
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विजय दिवस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने वर्ष 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में भाग लेने वाले जाबांजों के साथ ही वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्थानीय गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1971 के भारत—पाक युद्ध में भारत की तीनों सेनाओं के सामंजस्य से ही पाकिस्तान के 93 हजार से अधिक सैनिकों ने 13 दिन में ही घुटने टेक दिए थे। इस युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के ढाई सौ वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। जबकि 78 सैनिक घायल हुए थे। राज्य के 74 रणबांकुरों को वीरता पदक से भी नवाजा गया था।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को देवभूमि के साथ ही वीर भूमि यूं ही नहीं कहा जाता। यहां प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति सीमा की सुरक्षा में लगा हुआ है। आजादी से पूर्व हो या आजादी के बाद हर युद्ध में राज्य के जवानों की अहम भूमिका रही है। यही वजह कि अब तक एक परमवीर चक्र, छह अशोक चक्र, 100 वीर चक्र व 1262 अन्य वीरता पदक उत्तराखंड के हिस्से में आए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि सैनिकों व उनके आश्रितों को हर संभव मदद दी जाय। राज्य सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों की मासिक पेंशन चार हजार से बढक़र आठ हजार रुपये की है। राज्य देश का पहला राज्य बन गया है जहां किसी अभियान में शहादत देने वाले सेना और अर्द्धसेना जवानों को उनकी योग्यता के अनुरूप राज्याधीन सेवाओं में नियुक्ति दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक परिवारों को हाउस टैक्स में पूरी छूट देने के साथ ही 25 लाख तक की संपत्ति पर स्टांप ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट दी गई है। लैंसडौन कैंट के लिए पेयजल के समाधान के लिए 33 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर पानी पहुंचाया गया है। रानीखेत में भी रेजीमेंटल सेंटर में पेयजल के लिए स्वीकृति दी जा रही है। शहीद सैनिकों के बच्चों को कक्षा एक से आठवीं कक्षा तक छह हजार और नौवीं कक्षा से पोस्ट ग्रेजुएशन तक 10 हजार रुपये छात्रवृत्ति भी दी जा रही है।
इस अवसर पर सीएम ने पूर्व सैनिकों व वीर नारियों को स्मृति चिह्न व वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, अपर मुख्य सचिव सैनिक कल्याण राधा रतूड़ी, नौ सेना के वाइस एडमिरल एचसीएस बिष्ट, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर केबी चंद, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल डीके कौशिक, मकानी देवी भंडारी समेत सेना व सिविल के अधिकारियों, पूर्व सैनिकों व उनके पारिवारिक सदस्यों ने भी शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
पूर्व सैनिकों ने चीड़बाग वार मेमोरियल के शहीदों को श्रद्धांजलि
प्रेमनगर, केहरी गांव व आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले पूर्व सैनिकों व उनके पारिवारिक सदस्यों ने विजय दिवस के अवसर पर सोमवार को गढ़ी कैंट-चीड़बाग में बन रहे वार मेमोरियल पर पुष्प अर्पित कर वर्ष 1971 के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर वार मेमोरियल का निर्माण पूरा नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। बता दें, दो साल बाद भी वार मेमोरियल का निर्माण कार्य अधूरा है। इस मौके पर रिटायर सूबेदार मेजर तीरथ सिंह रावत, सूबेदार मेजर एमपीएस राठौर, सरिता राणा, सीमा रावत, सुशीला नेगी आदि मौजूद रहे।
सेना की वीरगाथा को किया सलाम
उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के कार्यकर्ताओं ने भी विजय दिवस के अवसर पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देकर उनकी वीरता को याद किया। दल के केंद्रीय प्रवक्ता सुनील ध्यानी ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना केनाम पूरा भारतवर्ष विजय दिवस के रूप मे मनाता है। विजय दिवस पर यूकेडी भारतीय सेना की वीरगाथा को सलाम करता है। इस दौरान अरविंद गुप्ता, आरिफ वारसी, प्रवीण शर्मा, प्रभात डंडरियाल, प्रदीप कुकरेती, सुशील विरमानी, नवनीत गुसाईं, विपुल नौटियाल आदि मौजूद रहे।