पर्यटकों के लिए बंद हुई विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी, देशी-विदेशी रिकॉर्ड पर्यटकों ने किया दीदार
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उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित फूलों की घाटी आज बुधवार को शीतकाल में पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद हो गई है। घाटी एक जून को पर्यटकों के लिए खुली थी। इस वर्ष रिकॉर्ड 14,965 तीर्थयात्री फूलों की घाटी के दीदार को पहुंचे।
इनमें 750 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के रेंजर बृजमोहन भारती ने बताया कि इस वर्ष घाटी में पहुंचे पर्यटकों से पार्क प्रशासन को सर्वाधिक 25 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है।
जानकारी के अनुसार इससे पहले 2017 में 13754 पर्यटक फूलों की घाटी पहुंचे थे। बता दें कि साल 2013 में आई आपदा के बाद से इस साल पहली बार इतनी अधिक तादाद में फूलों की घाटी का रुख किया।
अंग्रेजी पर्यटक ने खोजी थी यह घाटी
वन क्षेत्राधिकारी फूलों की घाटी बृजमोहन भारती ने बताया कि इस साल सबसे ज्यादा देशी विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं। यह साल पर्यटकों के साथ कमाई के लिहाज से भी बेहतर रहा। आपको बता दें कि फूलों की घाटी दुनिया की इकलौती एसी जगह है जहां पर 500 से ज्यादा दुर्लभ प्रजाति के फूल खिलते हैं।
1931 मे ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रेंक एस स्माइथ ने फूलों की घाटी की खोज की थी। वे यहां उस समय कामेट पर्वत आरोहण के लिए आए थे। इस दौरान वे रास्ता भटककर वे यहां पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने वैली ऑफ फ्लावर नाम की विश्व प्रसिद्ध पुस्तक प्रकाशित की थी।