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जारी हो गई नई आबकारी नीति, लेकिन अभी भी पुरानी नीति के आधार पर होगा संचालन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 19 Mar 2018 02:15 PM IST
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कैबिनेट की मंजूरी के बाद सोमवार को नई आबकारी नीति की अधिसूचना जारी कर दी गई। लेकिन अभी भी पुरानी नीति के आधार पर एक महीने के लिए शराब की दुकानों के संचालन का फैसला लिया जाएगा।
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बता दें कि कैबिनेट की 12 मार्च को हुई बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दी गई है। नई आबकारी नीति में शराब की दुकानों का आवंटन ई-टेंडर के माध्यम से किया जाना है। अधिसूचना जारी नहीं होने की स्थिति में इसकी प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई है। जबकि वित्तीय वर्ष के समाप्त होने अब कुछ दिन ही शेष बचे हैं।
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ऐसे में अब आबकारी नीति की अधिसूचना जारी करने के बाद ई-टेंडर की प्रक्रिया एक अप्रैल तक पूरी नहीं हो पाएगी। जिस कारण पुरानी आबकारी नीति को अप्रैल 2018 तक बढ़ा दिया गया है।
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उच्चतम बोली लगाने वालों को मिलेगा ठेका
नई आबकारी नीति में शराब के दुकानों के लिए भले ही ई-टेंडर की व्यवस्था कर दी गई है, लेकिन खनन के पट्टों की नीलामी के तरह में इसमें ऑन लाइन बोली लगाने की व्यवस्था नहीं होगी। विभाग की ओर दुकानों का आधार मूल्य निर्धारित किया जाएगा, उसके बाद ई-टेंडर में सबसे अधिक मूल्य को अंकित करने वाले को ठेका आवंटित कर दिया जाएगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऑन लाइन बोली इसलिए नहीं लगाई जाएगी कि इसकी प्रक्रिया को पूरा करने में अधिक समय लगता है।
शराब की 509 दुकानों का किया जाना है आवंटन
नई आबकारी नीति के मुताबिक प्रदेश में शराब और बीयर की 509 दुकानों का आवंटन किया जाएगा। दुकानों का आवंटन जिलावार किया जाएगा। प्रदेश में देसी शराब की 176, अंग्रेजी शराब की 248, देसी-अंग्रेजी की मिश्रित 79 और बीयर की छह दुकानें हैं।