फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarkashi Tunnel Collapse Rescue Operation in Silkyara Indian Army will help in manual drilling inside tunnel

Uttarkashi Tunnel: अब सेना तैयार... सुरंग के अंदर मैनुअल ड्रिलिंग में करेगी मदद, इस काम में महारथ टीम के पास

Mon, 27 Nov 2023 05:36 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, सिलक्यारा (उत्तरकाशी)।
संवाद न्यूज एजेंसी, सिलक्यारा (उत्तरकाशी)। Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 27 Nov 2023 05:36 AM IST
सार

भारतीय सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट के जवान व अधिकारी तकनीकी में महारथ रखते हैं। यह सभी मैनुअल ड्रिलिंग के काम में हाथ बंटाएंगे जिससे सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों तक 800 मिमी पाइपों से एस्केप पैसेज तैयार करने का काम पूरा किया जा सकेगा। 

विज्ञापन
Uttarkashi Tunnel Collapse Rescue Operation in Silkyara Indian Army will help in manual drilling inside tunnel
सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala

विस्तार

सिलक्यारा सुरंग के अंदर मैनुअल ड्रिलिंग के काम में भारतीय सेना की इंजीनियरिंग कोर मदद करेगी। रविवार सुबह सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट मद्रास इंजीनियर ग्रुप (एमईजी) की एक टुकड़ी सिलक्यारा पहुंच गई है जो यहां मैनुअल ड्रिलिंग का जिम्मा संभालेगी।

विज्ञापन

दरअसल, सिलक्यारा सुरंग के अंदर फंसे 41 श्रमिकों को बचाने के लिए ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का काम किया जा रहा था। करीब 47 मीटर तक ड्रिलिंग कर मलबे में 800 मिमी के पाइप डाल दिए गए थे कि बीते शुक्रवार शाम को ऑगर मशीन के ब्लेड सरियों में फंस कर टूट गए जिसके बाद से ही मशीन से ड्रिलिंग का काम ठप हैं।

विज्ञापन


वहीं फंसे हुए ऑगर को बाहर निकालने के लिए लेजर, प्लाज्मा व गैस कटर से कटिंग का काम जारी है। ऑगर को बाहर निकालने के बाद मैनुअल ड्रिलिंग की जाएगी। इसके लिए खासतौर पर भारतीय सेना की मद्रास इंजीनियर ग्रुप की टुकड़ी को बुलाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

भारतीय सेना में एक इंजीनियरिंग रेजीमेंट
सूत्रों के अनुसार इस टुकड़ी में 30 जवान व अधिकारी शामिल हैं। जो कि तकनीकी में महारथ रखते हैं। यह सभी मैनुअल ड्रिलिंग के काम में हाथ बंटाएंगे। जिससे सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों तक 800 मिमी पाइपों से एस्केप पैसेज तैयार करने का काम पूरा किया जा सकेगा। राहत एवं बचाव कार्य के प्रभारी कर्नल दीपक पाटिल का कहना है कि भारतीय सेना मैनुअल ड्रिलिंग के काम में मदद करती है तो यह बहुत अच्छा रहेगा।

ये भी पढे़ं...Tunnel Collapse: सुरंग में फंसे 41 मजदूरों के पास बजी बीएसएनएल की घंटी, एक छोटा लैंडलाइन फोन भी पहुंचा

मद्रास सेपर्स के नाम से हैं प्रसिद्ध

मद्रास इंजीनियर ग्रुप को मद्रास सेपर्स के नाम से भी जाना जाता है। यह भारतीय सेना में एक इंजीनियरिंग रेजीमेंट है। जो कि पैदल सेना के लिए पुल, हेलीपैड, नदी पर अस्थायी पुल आदि के निर्माण में सहायता देते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed