फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarkashi Tunnel Collapse Rescue 400 people would have been trapped in tunnel if Diwali had not happened

Tunnel Collapse: दिवाली नहीं होती तो सुरंग में फंसते 400 लोग, 60 वर्षीय प्रेम लाल ने बताई पूरी कहानी

Fri, 17 Nov 2023 10:29 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 17 Nov 2023 10:29 AM IST
सार

श्रमिक के रूप में टनल निर्माण कार्य से जुड़े 60 वर्षीय प्रेम लाल ने बताया कि यहां 400 से ज्यादा मजदूर कार्यरत थे। इनमें ज्यादातर स्थानीय लोग थे, लेकिन दीपावली के चलते वह त्योहार मनाने अपने परिवार के पास गांव निकल गए थे।

विज्ञापन
Uttarkashi Tunnel Collapse Rescue 400 people would have been trapped in tunnel if Diwali had not happened
सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी - फोटो : amar ujala

विस्तार

दिवाली का त्योहार नहीं होता तो सिलक्यारा हादसे में ज्यादा लोग सुरंग के अंदर फंसते। यह कहना है कि सुरंग में काम करने वाले 60 वर्षीय प्रेम लाल का। प्रेम लाल ने बताया कि सुरंग निर्माण कार्य में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कार्यरत हैं, जो दिवाली मनाने घर चले गए थे। सिर्फ बाहरी मजदूर ही यहां बचे थे, जो भूस्खलन के चलते सुरंग के अंदर फंस गए।

विज्ञापन

स्थानीय निवासी प्रेमलाल ने बताया कि वह भी श्रमिक के रूप में टनल निर्माण कार्य से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि यहां 400 से ज्यादा मजदूर कार्यरत थे। इनमें ज्यादातर स्थानीय लोग थे, लेकिन दीपावली के चलते वह त्योहार मनाने अपने परिवार के पास गांव निकल गए थे।

विज्ञापन


जिसके बाद यहां कुछ स्थानीय और बाकी बाहरी राज्यों के मजदूर ही बचे थे। इन मजदूरों को ही रात्रि की ड्यूटी पर भेजा गया था और दिवाली के दिन बड़ा हादसा हो गया। अगर त्योहार नहीं होता तो सुरंग में कम से कम 400 लोग फंसते।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Operation Silkyara: छह दिन से सुरंग में फंसे मजदूरों का सब्र अब जवाब दे रहा... बोले- हमें कब बाहर निकालोगे

सुरंग में नहीं गर्म कपड़ों की जरूरत

श्रमिक कुंवर बहादुर ने बताया कि सुरंग के अंदर फंसे 40 मजदूरों को ठंड से बचाव के लिए बिस्तर या कंबल की जरूरत नहीं है। सुरंग में काफी गर्मी लगती है। रात्रि शिफ्ट में काम कर चुके प्रेमलाल ने बताया कि सुरंग में इतनी गर्मी होती है कि पसीना-पसीना हो जाता है। वर्तमान में सर्दियां होने के बावजूद वहां गर्म स्वेटर व कंबल आदि की जरूरत नहीं है।


ये भी पढ़ें...Operation Silkyara: छह दिन से सुरंग में फंसे मजदूरों का सब्र अब जवाब दे रहा... बोले- हमें कब बाहर निकालोगे

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed