Uttarkashi: पुलिया की टूटी बल्लियों पर फिसला था गाजियाबाद की महिला ट्रैकर का पैर, नहीं लगा सुराग
सात ट्रैकर्स सहित दो गाइड करीब पांच किमी लंबे झाला-अवाना बुग्याल ट्रैक की ट्रैकिंग पर गए थे। लौटते वक्त झाला से महज दो किमी की दूरी पर स्थित गाकीगाड़ को पार करते हुए गाजियाबाद की ट्रैकर दिव्या नागर पैर फिसलने से नदी के तेज बहाव में बह गईं।
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उत्तरकाशी के झाला-अवाना बुग्याल ट्रैक पर गाकीगाड़ को पार करते हुए बही गाजियाबाद की महिला ट्रैकर की खोजबीन के लिए दूसरे दिन पुलिस, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीम ने अभियान चलाया, लेकिन पता नहीं लग पाया। गाकीगाड़ के ऊपर बनी पुलिया की बल्लियां टूटी हुईं थीं, जिस पर पैर फिसलने के कारण वह बह गईं।
सोमवार को सात ट्रैकर्स सहित दो गाइड करीब पांच किमी लंबे झाला-अवाना बुग्याल ट्रैक की ट्रैकिंग पर गए थे। शाम को जब यह सभी लौट रहे थे, तभी झाला से महज दो किमी की दूरी पर स्थित गाकीगाड़ को पार करते हुए गाजियाबाद की ट्रैकर दिव्या नागर पैर फिसलने से नदी के तेज बहाव में बह गईं।
साथी ट्रैकर ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। उसके बाद देर शाम वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई। टीम ने अन्य छह ट्रैकर्स और दो गाइड को सुरक्षित झाला पहुंचाया। मंगलवार सुबह एसडीआरएफ सहित हर्षिल पुलिस और वन विभाग लापता महिला को ढूंढने के लिए मौके पर रवाना हुई।
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दिनभर चले बचाव अभियान के बाद भी नदी में बही महिला ट्रैकर का कुछ पता नहीं लग पाया। हर्षिल एसओ जगत सिंह ने बताया कि दल में शामिल सभी ट्रैकर गाजियाबाद के रहने वाले थे। वहीं उनके साथ दो स्थानीय गाइड थे। बुधवार को दोबारा सर्च अभियान शुरू किया जाएगा।
इधर, टकनौर रेंज के रेंज अधिकारी रूपमोहन नौटियाल ने बताया, अवाना बुग्याल के लिए ट्रेकिंग की अनुमति नहीं दी जाती है। वन विभाग और पुलिस ने सभी तथ्यों पर जांच शुरू कर दी है। वहीं सुरक्षित लौटे ट्रैकर्स से भी पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।