Uttarakhand Weather: मैदान में धूप खिली, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में फिर हुआ हिमपात
उत्तराखंड में आज मौसम मिलाजुला रहा। मैदान में धूप के कारण जहां थोड़ी उमस रही वहीं, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से मौसम में ठंडक आ गई। चमोली जिले में लगातार दूसरे दिन भी मौसम खराब रहा।
बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, फूलों की घाटी, घांघरिया सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हुआ, जबकि निचले क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम में आए बदलाव के कारण फिर ठंड लौट आई है। जोशीमठ, गोपेश्वर, पोखरी, गैरसैंण क्षेत्रों में सुबह से शाम तक ठंडी हवाएं चली।
वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ पहाड़ी इलाकों में आज ओले गिरने और बिजली चमकने का अनुमान बताया है। कुछ मैदानी क्षेत्रों में तेज आंधी भी चल सकती है।
सोनप्रयाग पहुंचा बीकेटीसी का दल, आज केदारनाथ पहुंचेगा
29 अप्रैल को केदारनाथ में कपोटोद्घाटन की तैयारियों के लिए श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की 12 सदस्यीय दल सोमवार को सोनप्रयाग से धाम के लिए रवाना होगा। दल द्वारा एक सप्ताह में मंदिर परिसर के आसपास की बर्फ सफाई के साथ ही रावल, पुजारी व कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था की जाएगी।
रविवार को सीईओ बीडी सिंह के नेतृत्व में समिति की सोनप्रयाग पहुंची। यहां से सोमवार तड़के पैदल मार्ग से दल केदारनाथ के लिए रवाना होगा। दल में सहायक अभियंता गिरीश देवली, कनिष्ठ अभियंता विपिन कुमार व आशुतोष शुक्ला, उमेश कुमार, पुष्कर रावत आदि शामिल हैं।
दल द्वारा मंदिर परिसर में जमा बर्फ की सफाई के साथ ही रावल व पुजारी निवास की मरम्मत कर वहां जरूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी। वैकल्पिक कार्यालय भी तैयार किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर परिसर से लेकर सभी आवास स्थलों पर बिजली व पानी की सप्लाई भी बहाल की जाएगी। साथ ही बर्फबारी से समिति की जिन संपत्तियों को क्षति पहुंची है, उसे भी ठीक किया जाएगा।
एक माह पहले गुलजार होने वाले यात्रा पड़ाव पड़े सूने
बदरीनाथ यात्रा शुरू होने से एक माह पहले ही यात्रा पड़ावों पर चहल-पहल शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण यात्रा पड़ाव सूने पड़े हैं। होटल, लॉज व्यवसायियों को दिसंबर में ही जुलाई माह तक की एडवांस बुकिंग मिल गई थी, लेकिन कोरोना के कारण बदरीनाथ धाम आने वाले कई तीर्थयात्रियों और व्यापारियों ने ही अपनी इस साल की बुकिंग निरस्त कर दी है। वहीं व्यवसायियों ने तीर्थयात्रियों की सुविधा को देखते हुए उनकी बुकिंग वर्ष 2021 तक के लिए बढ़ा दी है।
पीपलकोटी, जोशीमठ, गोपेश्वर, मंडल, गैरसैंण ऐसे हिल स्टेशन हैं, जहां व्यवसाय चारधाम यात्रा पर ही टिका है। होटल संचालकों का कहना है कि कोरोना जंग जीतने के बाद ही व्यवसाय शुरू करेंगे। बदरीनाथ धाम के मुख्य यात्रा पड़ाव पीपलकोटी के होटल व्यवसायी सज्जन लाल शाह का कहना है कि वर्ष 2019 में करीब 10 लाख रुपये की एडवांस बुकिंग यात्रियों की ओर से मिली थी और इस बार तो दिसंबर माह में ही जुलाई माह तक की एडवांस बुकिंग मिल गई थी।
जोशीमठ होटल एसोसिएशन के संरक्षक व व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष माधव सेमवाल ने बताया कि हमें सितंबर माह तक की एडवांस बुकिंग मिली है, लेकिन कोरोना से खतरे को देखते हुए अभी जुलाई माह तक की बुकिंग रद्द कर दी है। बिरही के तारा दत्त थपलियाल ने कहा कि ऐन मौके पर कोरोना के कहर ने यात्रा पर पानी फेर दिया है। कोरोना पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लॉकडाउन जरूरी है और इसका पूरा पालन किया जाएगा। चमोली बाजार के होटल व्यवसायी सुदर्शन शाह का कहना है कि कोरोना पर प्रभावी अंकुश लगता है तो कमाई अगले साल भी हो सकती है। मौजूदा हालात को देखते हुए लॉकडाउन का पालन करना जरूरी है।