Uttarakhand Weather: बारिश-बर्फबारी से फिर लौटी ठंड, बर्फ की मोटी चादर से ढके चारों धाम
- मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी के आसार, मैदानी क्षेत्रों में तेज आंधी भी चलेगी
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मौसम अचानक फिर बदला और शुक्रवार को चारों धामों में बारिश-बर्फबारी हुई। बदरीनाथ में दो फीट, केदारनाथ में एक फीट और हेमकुंड साहिब में करीब ढाई फीट ताजी बर्फ जमी है। बारिश-बर्फबारी के कारण ठंड फिर लौट आई है।
चमोली जिले में सुबह से ही बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, फूलों की घाटी, लाल माटी, नंदा घुंघटी सहित माणा और नीती घाटी में बर्फबारी हुई। बदरीनाथ के मुख्य सिंहद्वार पर जमी बर्फ को मंदिर समिति के कर्मचारियों ने हटा लिया था, लेकिन फिर सिंहद्वार बर्फ से ढक गया है। बदरीनाथ परिक्रमा स्थल में लगभग नौ फीट बर्फ जमी है। वहीं हेमकुंड साहिब पूरी तरह बर्फ से ढक गया है। यहां लगभग बीस फीट बर्फ है।
अटलाकुडी ग्लेशियर से हेमकुंड साहिब तक तीन किलोमीटर आस्था पथ पर करीब पंद्रह फीट बर्फ से ढका है। हेमकुंड साहिब यात्रा पथ पर घांघरिया से देश दर्शनी तक कई जगहों पर बड़े-बड़े हिमखंड पसरे हैं। गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि यदि मौसम ने साथ दिया और कोरोना वायरस पर पूरी तरह से काबू पा लिया जाएगा, उसके बाद हेमकुंड यात्रा की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों मदमहेश्वर, तुंगनाथ, चोपता आदि स्थानों पर बर्फबारी शाम तक होती रही। केदारनाथ में लगभग एक फीट नई बर्फ जम चुकी है। खराब मौसम के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ सफाई का काम भी प्रभावित हो गया है। वहीं, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, उखीमठ में दिनभर हल्की बारिश होती रही। मौसम के बदले मिजाज से रवि फसलों पर असर पड़ा है।
बुग्यालों में बर्फबारी, चली शीतलहर
उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान में जबर्दस्त गिरावट आ गई है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय समेत निचले क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 13 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में अधिकतम तापमान 7 डिग्री और न्यूनतम माइनस 1 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंड बढ़ने से सेब आदि फल वृक्षों की फ्लावरिंग भी प्रभावित हो रही है।
कर्णप्रयाग, थराली, नारायणबगड़, गौचर, लंगासू, सिमली, नौटी, नंदासैंण, आदिबदी, देवलकोट, गैरसैंण,कालेश्वर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से ठंड बढ़ गई है। देवाल क्षेत्र में रूपकुंड, वेदनी, आली, ब्रह्मताल, बगजी बुग्याल में बर्फबारी हुई जबकि लोहाजंग, घेस, बलाण, हिमनी, पिनाऊं, वांण, कुलिंग, वांक, सौरीगाड़, रामपुर, तोरती सहित 24 से अधिक गांव में शीतलहर चल रही है। मुख्य पर्यटन स्थल रूपकुंड, बगुवावासा, आली, ब्रह्मताल, वेदनी, नवाली व बगजी बुग्याल में बर्फबारी हुई।
अधिकारियों को आवश्यक एहतियाती उपाय करने की सलाह
तेज हवाओं और बारिश, बर्फबारी के कारण कई पहाड़ी इलाकों में हिमस्खलन भी हो सकता है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर की अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में आशंका ज्यादा है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने सरकारी अधिकारियों को आवश्यक एहतियाती उपाय करने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। शनिवार और रविवार को भी कई इलाकों में इस तरह का मौसम बना रह सकता है। सोमवार से ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है।