उत्तराखंड: दून में बारिश से गिरा पारा, मसूरी सहित चारों धामों में बर्फबारी, पड़ रही कड़ाके की ठंड
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पहाड़ों की रानी मसूरी में शनिवार को सुबह सवेरे मौसम ने अचानक करवट ली और झमाझम बारिश शुरू हो गई। कुछ देर बाद ही ठंड की यह शुरूआत मस्ती में उस वक्त बदल गई जब देखते ही देखते मसूरी ने सफेद बर्फ की चादर ओढ़ ली। सीजन की पहली बर्फबारी को देखकर पर्यटकों ने मसूरी पहुंचने लगे। इधर, मसूरी में मौसम में बदलाव के साथ दून में भी दोपहर के वक्त अचानक काले मेघों ने घाटी को ढक लिया और दोपहर बाद जमकर बारिश शुरू हो गई। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई।
मसूरी के लाल टिब्बा में आज सुबह करीब साढ़े दस बजे से बर्फबारी शुरू हो गई। आज सुबह मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश हुई। जिसके बाद मसूरी के कंपनी गार्डन, लाल टिब्बा और धनोल्टी क्षेत्र में तेज बर्फबारी शुरू हो गई। इस दौरान पर्यटक खूब मजे करते दिखे। वहीं बर्फबारी की खबर सुनते ही गाड़ियों का काफिला मसूरी की ओर चल पड़ा। सुबह लगभग आठ बजे से ही दून और दिल्ली, मेरठ व अन्य स्थानों से आए पर्यटकों ने मसूरी की राह पकड़ ली। भारी संख्या में वाहनों के रेले से मसूरी मार्ग पर कई जगह जाम की स्थिति भी बनी, लेकिन पुलिस के इंतजाम से ज्यादा जाम नहीं लग सका।
मसूरी शहर में ओलावृष्टि के साथ तापमान में भारी गिरावट आई है। मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में वीकेंड के चलते आए पर्यटकों ने बर्फबारी का जमकर मजा लिया। मसूरी में लगातार हो रहीं बर्फबारी से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। कई वाहन मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर फंस गए। ट्रैफिक व्यवस्था बनाने में प्रशासन और पुलिस पूरी तरीके से नाकाम साबित हुए। सड़क पर पड़ी बर्फ को हटाने के लिए प्रशासन द्वारा जेसीबी नहीं लगाई गई। जिस वजह से कई पर्यटक जाम में फंस गए। बर्फबारी के कारण वाहन और लोग फिसलने लगे।
चारों धामों में बर्फबारी, निचले इलाकों में बढ़ी ठंड
पहाड़ में शनिवार को मौसम का मिजाज बिगड़ गया। दोपहर बाद केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में हल्की बर्फबारी हुई। चमोली जिले में घाट, जोशीमठ और दशोली ब्लाक के करीब 30 गांव फिर बर्फ से ढक गए हैं। मंडल-ऊखीमठ मोटर मार्ग पर आवाजाही बंद हो गई है।
रुद्रप्रयाग जिले में तुंगनाथ, मद्महेश्वर, चमोली जिले में फूलों की घाटी, हेमकुंड साहिब और उत्तरकाशी के हर्षिल, सांकरी, खरसाली सहित ऊंची चोटियों में हिमपात हुआ। बर्फबारी से निचले इलाकों में शीतलहर चल रही है। केदारनाथ में अधिकतम तापमान 10 और न्यूनतम माइनस 11, यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में माइनस-14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
चमोली जिले में बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब समेत औली में बर्फबारी हुई है। औली-जोशीमठ मोटर मार्ग पर हिमपात के चलते पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा रुद्रनाथ, नंदा घुंघटी, नीती घाटी, दूरस्थ गांव परसारी, बड़ागांव किमाणा के अलावा उर्गम और निजमुला घाटी के गांव बर्फ से ढक गए हैं।
बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में अधिकतम तापमान भी माइनस में पहुंच गया है। शनिवार को बदरीनाथ में अधिकतम तापमान माइनस आठ, न्यूनतम माइनस 16 और हेमकुंड साहिब में अधिकतम माइनस 11 व न्यूनतम माइनस 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। केदारनाथ में न्यूनतम तापमान माइनस 11, यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में माइनस 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
उत्तरकाशी जिले में बारिश और बर्फबारी के बगैर भी सर्द हवाओं से तापमान में जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई है। जिला मुख्यालय समेत निचली घाटियों में अधिकतम तापमान आठ व न्यूनतम शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हर्षिल, सांकरी, खरसाली आदि क्षेत्रों में भी पारा शून्य से नीचे बना हुआ है।
टिहरी जिले में नई टिहरी, चंबा, काणाताल, धनोल्टी, लंबगांव, प्रतापनगर और भिलंगना क्षेत्र में शीतलहर बढ़ गई है। अपराह्न बाद रिमझिम बारिश हुई, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। नई टिहरी का अधिकतम तापमान 8 डिग्री और न्यूनतम -2 डिग्री दर्ज किया गया है। उधर, शनिवार शाम को चमोली जिले के पैंसर, दूधातोली, कौनपुरगढ़ी, नागचूलाखाल, पनछूया, अंग्यारी महादेव की चोटियाें में बर्फबारी हुई। कर्णप्रयाग में शनिवार सुबह तापमान दो डिग्री सेल्सियस रहा।
बाल-बाल बचे राज्यमंत्री धन सिंह रावत व रुद्रपयाग विधायक
आज उत्तराखंड के राज्यमंत्री धन सिंह रावत और रुद्रपयाग के विधायक बाल-बाल बच गए। हुआ यूं कि रुद्रपयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन जोन बांसबाड़ा में उनके वाहन के ऊपर पहाड़ी से पत्थर आ गिरा। भला हो कोई अनहोनी नहीं हुई। गुप्तकाशी से रुद्रपयाग लौटते समय यह हादसा हुआ।
बदला मौसम, ऊंची चोटियों ने ओढ़ी बर्फ की चादर
मौसम की बदली रंगत के बीच चकराता समेत आसपास की ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली। चांदी सी चमकती ये ऊंची चोटियों पर्यटकों को खासा लुभा रही है। बर्फबारी के चलते ठंड में भी इजाफा हो गया। शनिवार को चकराता का अधिकतम तापमान चार डिग्री और न्यूनतम -02 डिग्री रहा। वहीं विकासनगर क्षेत्र के कई इलाकों में भी शाम को बारिश हुई। यहां भी ठंडी हवाएं चलने से तापमान गिर गया।
विकासनगर का अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम 07 डिग्री रहा। वहीं बर्फबारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पर्यटक चकराता का रुख करने लगे। जिन्हें देख दुकानदारों के चेहरे खिल उठे। चकराता क्षेत्र में शनिवार की सुबह लोग सोकर उठे तो आसमान में काले बादलों का डेरा था। दोपहर 12 बजे धूप निकलने लगी, लेकिन दो बजते-बजते आसमान में एक बार फिर काले बादल छा गए। बारिश और बर्फबारी होने लगी।
देववन, बुधेर, खंडबा, मुंडाली समेत ऊंची चोटियों में आधा इंच तक हिमपात हुआ वहीं चकराता छावनी बाजार में भी हल्की फुहारें गिरी। शाम छह बजे तक बर्फबारी का दौर जारी रहा। बर्फबारी के चलते लोगों के घरों में हीटर और अंगीठी जल उठी। बाजारों में सन्नाटा पसर गया। विकासनगर क्षेत्र में भी शाम ढलते ही कई इलाकों में अलाव जल उठे। जगाधरी से आए विजय मलिक, गुरुदेव सिंह, पांवटा साहिब के गुरमीत सिंह, सहारनपुर के महेश आदि का कहना है कि बर्फबारी को गिरते देखना खासा अनुभव है। उन्होंने पहली बार बर्फ को गिरता देखा है।
कई जगह जले अलाव
ठंड बढ़ने पर शनिवार की शाम नगर निगम प्रशासन की ओर से शहर के विभिन्न स्थानों पर अलाव जलाए गए। साथ ही लकड़ियां बांटी गईं। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि मसूरी में बर्फबारी के कारण बढ़ती ठंड को देखते अलाव जलाए गए हैं। निगम ने देहरादून में आईएसबीटी, घंटाघर, कारगी, जीएमएस रोड, रेलवे स्टेशन, दून अस्पताल समेत कई जगहों पर अलाव जलवाए।