देहरादून: मौसम विभाग की चेतावनी से हाई अलर्ट पर प्रशासन, नदी-नालों के किनारे बसे लोगों को हटाने के आदेश
जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने आपदा प्रबंधन से जुड़े तमाम विभाग के अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर राहत कार्यों को लेकर उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी साझा की। साथ ही सभी विभागों के अधिकारियों को अपने अपने इलाकों में हाई अलर्ट पर रहने की हिदायत दी।
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पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी पूर्वी हवाओं की सक्रियता के चलते मौसम के बदले मिजाज की वजह से अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश के संभावना है। मौसम विभाग ने 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। वहीं आपदा से निपटने को लेकर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में सूचनाओं का आदान प्रदान तत्काल किया जाए, ताकि संबंधित विभागों के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे।
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आपदा प्रबंधन आईआरएस प्रणाली के लिए नामित सभी नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे। राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में रहेंगे। जिले के सभी पुलिस चौकी, थाने भी अलर्ट पर रहेंगे। आपदा में फंसे लोगों को चिकित्सा सुविधा तत्काल मुहैया कराने के साथ ही उन्हें रेस्क्यू किया जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग समेत तमाम विभाग के अधिकारी हाई अलर्ट मोड पर रहेंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नेशनल हाईवे, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई, एनडीडीबी, बीआरओ और सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को हिदायत दी है।
नदी, नालों के किनारे बसे लोगों को हटाने के आदेश
जिलाधिकारी ने सदर, मसूरी, ऋषिकेश, डोईवाला, विकासनगर, कालसी, चकराता, त्यूनी के उपजिलाधिकारियों को आदेश जारी किया है कि संभावित आपदा के मद्देनजर उनके क्षेत्रों में नदी नालों के किनारे जितने भी लोग रह रहे हैं उनको तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। यदि नदी नालों के किनारे बसे लोग शिफ्ट करने में आनाकानी करें तो पुलिस प्रशासन की मदद ली जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए यदि कहीं भी किसी भी प्रकार का हादसा होता है तो उसके लिए संबंधित उप जिलाधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल फोन बंद किए तो कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने हिदायत दी है कि अधिकारी अपना मोबाइल फोन किसी भी सूरत में बंद नहीं रखेंगे। यदि किसी भी अधिकारी का मोबाइल फोन बंद पाया गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं जिलाधिकारी ने जिला आपूर्ति अधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी एवं खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि भारी बारिश के चलते यदि चारधाम यात्रा बाधित होती है और पर्यटकों को होटलों, रेस्टारेंट में विशेष परिस्थितियों में रुकना पड़ा तो संचालक किसी भी सूरत में ओवररेटिँग न करने पाएं। यदि होटलों, रेस्टारेंट संचालकों द्वारा ओवररेटिंग की गई तो ऐसी संचालकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाए।
एनडीआरआई अलर्ट, डीएम ने सेनानायक को भेजा पत्र
भारी बारिश और तेज हवाओं से संभावित आपदा से निपटने में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए एनडीआरएफ को भी अलर्ट कर दिया गया है। जिलाधिकारी की ओर से एनडीआरएफ के सेनानायक को पत्र भेजकर कहा गया है कि किसी भी आपदा से निपटने को लेकर एनडीआरएफ की मदद दी जा सकती है। ऐसे में झाझरा स्थित यूनिट को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
पूर्ति विभाग ने तैयार कराए खाने, राशन के पैकेट
आपदा के दौरान खाने-पीने का संकट न हो इसके लिए जिलाधिकारी के आदेश पर पूर्ति विभाग के अधिकारियों की ओर से खाने और राशन के पैकेट तैयार कराए गए हैं। जिलाधिकारी का कहना है कि यदि कहीं पर भी आपदा की जानकारी मिलती है तो वहां तत्काल सभी विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचेंगे। लोगों को खाने पीने की दिक्कत न हो इसके लिए खाने और राशन की पर्याप्त मात्रा में पैकेट तैयार कराए गए।
स्वास्थ्य विभाग की दो दर्जन से अधिक टीमें तैनात
संभावित आपदा के दौरान घायलों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराई जा सके इसके लिए जिलाधिकारी के आदेश पर स्वास्थ विभाग की दो दर्जन से अधिक टीमों को भी एंबुलेंस के साथ तैनात किया गया है। जिलाधिकारी कहना है कि त्यूनी, विकासनगर, चकराता, जैसे पर्वतीय इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीम को अलर्ट पर रखा गया है यदि कहीं से भी आपदा की जानकारी मिलती है तो तत्काल स्वास्थ विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचेंगे।
जिला आपदा परिचालन केंद्र में नोडल अधिकारी तैनात
संभावित आपदा के दौरान राहत कार्यों में किसी भी तरह की दिक्कत न आए इसके लिए जिलाधिकारी के आदेश पर आपदा परिचालन केंद्र में नोडल अधिकारी की भी तैनाती की गई है। आपदा परिचालन केंद्र में नोडल अधिकारी की अगुवाई में 24 घंटे अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम हाई अलर्ट पर रहेगी।