Weather Today : खतरे के निशान के करीब गंगा, 11 घंटे बंद रही जौनसार की लाइफ लाइन
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श्रीनगर जल विद्युत परियोजना से पानी छोड़ने से हरिद्वार में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 294 मीटर के पास पहुंच गया। गंगा में अचानक पानी बढ़ने से जिला प्रशासन के साथ तटवर्तीय क्षेत्रों के लोगों में हड़कंप मच गया। दोपहर के समय गंगा का जलस्तर 293.70 मीटर तक पहुंच गया।
उत्तराखंड: लगातार बारिश से खतरे के निशान पर पहुंची नदियां, मलबा आने से घरों को नुकसान, तस्वीरें...
पिछले तीन दिन से पहाड़ों में लगातार बारिश हो रही है। नदियां उफान पर हैं। मंगलवार को श्रीनगर जल विद्युत परियोजना से पानी छोड़ दिया गया। परियोजना से छोड़ा गया पानी हरिद्वार में दोपहर 12 बजे तक पहुंचने लगा।
इससे भीमगोड़ा बैराज पर जलस्तर 293 मीटर दर्ज किया गया। इसके बाद देखते ही देखते जलस्तर बढ़ता चला गया और तीन बजे तक 293.70 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से मात्र 30 सेंटीमीटर नीचे था। पानी बढ़ने की सूचना पर सिंचाई विभाग के एसडीओ विक्रांत सैनी के साथ अन्य अधिकारी बैराज के साथ नहरों के निरीक्षण के लिए भेज दिए गए।
वहीं जलस्तर बढ़ने से जिला प्रशासन का अमला तटवर्तीय क्षेत्रों के गांवों में पहुंच गया। गंगा से लगे श्यामपुर, गाजीवाली, कांगड़ी, सजनपुर पीली, पश्चिमी तट पर मिस्सरपुर, जियापोता, पंजनहेडी, अलीपुर, कटारपुर, बिशनपुर कुंडी, पुरानी कुंडी, रानी माजरा आदि के निवासियों में हड़कंप मच गया। एसडीएम गोपाल सिंह चौहान, तहसीलदार आशीष घिल्डियाल ने तटवर्तीय क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए लोगों को सचेत किया।
यह रहा जलस्तर
गंगा का जलस्तर दोपहर 12 बजे 293.00 मीटर, दोपहर एक बजे 293.35 मीटर, बैराज पर पानी 146665 क्यूसेक, दोपहर दो बजे 293.65 मीटर, दोपहर तीन बजे 293.70 मीटर दर्ज किया गया।
बाढ़ चौकी पर जल पुलिस तैनात करने की मांग
बिशनपुर कुंडी के ग्रामीणों ने डीएम से गांव के सामने गंगा किनारे बाढ़ सुरक्षा चौकी स्थापित करने उस पर जल पुलिस के अलावा आपदा मित्र तैनात किए जाने की मांग की है। ग्राम प्रधान सविता देवी, उपप्रधान सुखदेवपाल, सतपाल, ब्रजपाल, अमित कुमार, मदनपाल आदि लोगों का कहना है कि अस्थायी बाढ़ सुरक्षा चौकी गांव के बीच में पंचायत घर में है।
बाढ़ चौकी पर तैनात कर्मचारी पंचायत घर में बैठते हैं। बाढ़ चौकी पर जल पुलिस का कोई जवान तैनात नहीं है। इन लोगों का कहना है कि बाढ़ सुरक्षा चौकी गांव के सामने गंगा किनारे बने तो हादसे कम होंगे।
बाढ़ चौकी पर पहुंचे कर्मचारी
आठ अगस्त को अमर उजाला में ‘भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़ चौकी पर लटके हैं ताले’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। जिस पर अधिकारियों ने खबर का संज्ञान लिया और बाढ़ सुरक्षा चौकी से गैर हाजिर कर्मचारियों को फटकार लगाई।
तब जाकर कर्मचारियों ने अपनी ड्यूूटी संभाली। उन्होंने लोगों को गंगा में पानी बढ़ने पर दूर रहने की हिदायत दी। चौकी पर ग्राम विकास अधिकारी अमित यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी सचिन चौहान, एएनएम पिंकी यादव, कांस्टेबल बसंत पाण्डेय, लेखपाल बृजेश कुमार आदि कर्मचारी मौजूद रहे है।
11 घंटे बंद रही जौनसार की लाइफ लाइन
देहरादून जिले में जौनसार बावर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर आवाजाही करने वाले लोगों के लिए जजरेट के पास सक्रिय पहाड़ी नासूर बन गई है। तेज बारिश के बीच आए दिन मलबा आने से सड़क पर आवाजाही बाधित हो रही है।
मंगलवार को भी सड़क पर 11 घंटे तक आवाजाही बाधित रही। लोगों को घंटों वाहन में बैठकर सड़क के खुलने का इंतजार करना पड़ा। सोमवार रात 12 बजे तेज बारिश के बीच जजरेट के साथ ही चापनू के पास सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। इसके चलते सड़क पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। फसलों से लदे वाहन बीच रास्ते में जगह-जगह फंस गए। सवारियों को भी वाहनों में घंटों बैठ सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।
सुबह 11 बजे लोनिवि ने जेसीबी की मदद से स्लिप को हटा सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल कराई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर आए दिन यातायात बाधित रहता है। इसके चलते लोगों को सफर करने में दिक्कतें पेश आती हैं। क्षेत्रीय अस्पतालों से हायर सेंटर किए गए मरीजों की जान पर बनी रहती है।
अब तक विभाग समस्या का स्थाई समाधान नहीं ढूंढ सका है। वहीं, लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता का कहना है कि जजरेट के पास वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पुल का निर्माण होना है। इसके लिए जल्द ही विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। जल्द ही जजरेट के पास पुल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।