{"_id":"67a653324cb3be45ff093d58","slug":"uttarakhand-weather-possibility-of-rainfall-in-mountains-today-temperature-may-decrease-2025-02-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand Weather: पहाड़ों में आज हल्की बारिश के आसार, आने वाले दिनों में ऐसा रहेगा मौसम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand Weather: पहाड़ों में आज हल्की बारिश के आसार, आने वाले दिनों में ऐसा रहेगा मौसम
Sat, 08 Feb 2025 04:16 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sat, 08 Feb 2025 04:16 AM IST
सार
Uttarakhand Weather Update: पर्वतीय इलाकों में बिगड़ने वाले मौसम का मैदान में कोई खास असर नहीं देखने को मिलेगा। आने वाले दिनों की बात करें तो 11 फरवरी तक प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहेगा।
विज्ञापन
बारिश
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में शनिवार को हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिले में हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं।
विज्ञापन
हालांकि, अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पर्वतीय इलाकों में बिगड़ने वाले मौसम का मैदान में कोई खास असर नहीं देखने को मिलेगा। आने वाले दिनों की बात करें तो 11 फरवरी तक प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहेगा।
विज्ञापन
PHOTOS: भतीजी की शादी में आशीर्वाद देने गांव पहुंचे योगी आदित्यनाथ, सीएम धामी और राज्यपाल भी हुए शामिल
विज्ञापन
मौसम का बदला पैटर्न
बीते कुछ साल से बदले मौसम के पैटर्न का सीधा असर तापमान पर देखने को मिल रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाकों में सर्दियों के मौसम में आने वाला तूफान पश्चिमी विक्षोभ यानि वेस्टर्न डिस्टर्बन्स यहां तक नहीं पहुंच पा रहा है। खासकर पर्वतीय जिलों तक, जिसके चलते दिन के साथ रात के तापमान में भी इजाफा हो रहा है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की ठंडी हवाएं ही बारिश और बर्फबारी का माहौल बनाती हैं। लेकिन, बीते कुछ समय से यह ठंडी हवाएं उत्तराखंड तक पहुंचने में नाकाम साबित हो रही हैं। यही कारण है कि जनवरी के बाद फरवरी में भी न बारिश हो रही है और न ही ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी। उत्तराखंड में मौजूद हिमालयी ग्लेशियर इस बार बेहद कम रिचार्ज हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में पूरे प्रदेशभर में जलसंकट बन सकता है।