फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Weather Forecast Today News: rain in dehradun snowfall in kedarnath dham

उत्तराखंड मौसम : तड़के देहरादून में दो घंटे बारिश, केदारनाथ-बदरीनाथ में हुई बर्फबारी, लौटी ठंड

Thu, 22 Apr 2021 06:39 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 22 Apr 2021 06:39 PM IST
सार

चमोली जिले में बुधवार को करीब आधा घंटे तक ओलावृष्टि हुई, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

विज्ञापन
Uttarakhand Weather Forecast Today News: rain in dehradun snowfall in kedarnath dham
केदारनाथ धाम में बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी देहरादून में गुरुवार को तड़के चार बजे से लगातार दो घंटे बारिश हुई। वहीं केदारनाथ, बदरीनाथ धाम में आज भी बर्फबारी हुई है। जिस वजह से तापमान में कुछ गिरावट महसूस की गई। कुछ इलाकों में बादल छाए हैं तो कहीं बारिश हो रही है।

विज्ञापन


उत्तराखंड : बर्फ की सफेद चादर से ढकीं उत्तराखंड की वादियां, तस्वीरों में देखें अद्भुत नजारा
विज्ञापन


मसूरी शहर में हल्की धूप खिली है। रुद्रप्रयाग जिले में हल्की बारिश हुई। टिहरी जिले में सुबह से बारिश हो रही है। हरिद्वार, लोहाघाट, रुद्रपुर में बादल छाए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जसपुर, काशीपुर, भवाली, डीडीहाट, नैनीताल में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। पिथौरागढ़  में लगातार बीते 24 घंटे से रुक-रुक कर बारिश हो रही है।

रामनगर में रात से रुक-रुक कर हो रही वर्षा के बाद खिली धूप से रोजेदारों को राहत मिली। रात की बारिश के बाद चंपावत में सुबह फिर हल्की बारिश हुई। बागेश्वर में रातभर बारिश हुई।

अप्रैल महीने में भी बर्फ से ढकीं पहाड़ियां

अप्रैल महीने में भी बदरीनाथ धाम और माणा गांव में कुछ दिनों से अच्छी बर्फबारी हो रही है, जिससे इन जगहों के अलावा आसपास की सभी चोटियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। धाम में कई जगह पर आधा फीट से अधिक बर्फ जम गई है। वहीं धाम में अभी भी बादल छाए हुए हैं, जिससे यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

वहीं मौसम बदलने और बर्फबारी होने से हेमकुंड साहिब के आस्था पथ पर बर्फ हटाने का काम ठप पड़ा है। उधर बुधवार देर शाम को गोपेश्वर, चमोली सहित अन्य जगह तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है। गेहूं, सरसों, जौ के अलावा सब्जियों को ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। 

बरसाती गदेरे के उफान से सड़क में आया मलबा, वाहन फंसा

तिलवाड़ा में मूसलाधार बारिश से सूर्यप्रयाग-मुसढुंग मोटर मार्ग शीशों में भारी मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। इस दौरान एक पिकअप वाहन भी मलबे में फंस गया। पीएमजीएसवाई ने मशीन की मदद से मलबे की सफाई कर मार्ग पर यातायात बहाल किया।

मंगलवार देर रात्रि को हुई बारिश के दौरान सूर्यप्रयाग-मुसढुंग मोटर मार्ग पर शीशों में बरसाती गदेरा उफान पर आ गया, जिससे सड़क पर भारी मलबा आ गया। इस दौरान तिलवाड़ा से जा रहा पिकअप वाहन मलबे में फंस गया। गनीमत रही की तत्परता दिखाते हुए चालक सुरक्षित बाहर निकल गया। बुधवार को सूचना पर लोनिवि द्वारा मशीन से मलबे की सफाई कर वाहन को निकालने के साथ ही यातायात बहाल किया गया।

बारिश के कारण जिले के कई संपर्क मोटर मार्गों पर पत्थर गिरने के साथ मलबा गिरने की सूचना है। इस दौरान कार्यदायी संस्थाओं के द्वारा पत्थर व मलबे की त्वरित सफाई की गई। इधर, ऋषिकेश-बदरीनाथ व रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई जगहों पर पत्थर व मलबा गिरने से सुबह के समय यातायात संचालन में कुछ दिक्कतें हुई। 

बारिश : गर्मी से मिली राहत तो किसानों की आई आफत

गुरुवार की सुबह तड़के मौसम ने करवट बदली तो बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बारिश हुई। आसमान में बादल व बूंदाबांदी के चलते तापमान में गिरावट आ गई। इससे मौसम में ठंडक पैदा हो गई। वहीं, इस बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खड़ी हो गई है। किसानों को चिंता सता रही है कि अगर मौसम खराब हुआ तो गेहूं की फसल बर्बाद हो जाएगी। 

चोटियों के साथ मुनस्यारी के खलियाटॉप तक बर्फबारी

कुमाऊं मंडल में दूसरे दिन भी चोटियों पर हिमपात और निचले इलाकों में बारिश हुई। पिथौरागढ़ जिले में मुनस्यारी के खलिया टॉप समेत उच्च हिमालयी क्षेत्र हंसलिंग, राजरंभा, पंचाचूली, छिपलाकेदार और दारमा और व्यास वैली के विभिन्न हिस्सों में बर्फबारी हुई है। बुधवार रात मुनस्यारी के बलाती तक हिमपात हुआ है। जिले में सबसे अधिक डीडीहाट में 27.5 और गंगोलीहाट में 21 एमएम बारिश दर्ज की गई। डीडीहाट समेत कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से बागवानी व फसलों को काफी नुकसान हुआ है।

कनालीछीना में बुधवार रात भारी बारिश के कारण हाईवे दो घंटे से अधिक समय तक बंद रहने से तीन से अधिक बरातें और सैकड़ों वाहन फंसे रहे। ग्रिफ के पास सड़क खोलने के लिए मशीनें नहीं होने से दिक्कत हुई। सड़क बंद होने की सूचना पर पूर्व जिपं अध्यक्ष किशन भंडारी ने मौके पर मशीनें भिजवाकर सड़क खुलवाई। चंपावत जिले  क्षेत्र में दो दिनों से रुक रुक कर हो रही बारिश से फसलों में नई जान आई है।

मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश से फसलों को लाभ मिलेगा अल्मोड़ा जिले में बुधवार को भी पूरी रात रुक-रुककर मेघ बरसते रहे। बृहस्पतिवार को सुबह भी बूंदाबांदी हुई। बारिश से जहां बढ़ती गर्मी और वनाग्नि की घटनाओं से निजात मिली, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। दो दिन से हो रही बारिश से तापमान में आठ से 10 डिग्री तक गिरावट आई है। अल्मोड़ा नगर क्षेत्र में कुल 21.5 एमएम बारिश हुई। जनपद में कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे हैं।

जिले के द्वारसौं और दूनागिरी क्षेत्र में कई स्थानों पर जमकर ओले गिरने से खड़ी फसलों, साग-सब्जी और फलों को काफी नुकसान पहुंचा है। बागेश्वर जिले में भी बुधवार को रातभर बारिश होती रही। बागेश्वर में 17.50, कपकोट में 15 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। इस दौरान आंधी-तूफान से कपकोट विकासखंड के रिखाड़ी में एक मकान की टिन की छत उड़ गई। कृषि विज्ञानी बारिश को बुवाई के लिए मुफीद मान रहे हैं। जिले में कई क्षेत्रों में बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति भी बाधित हुई है। नैनीताल जिले में भी बृहस्पतिवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed