Uttarakhand: बारिश न होने से नदियों में घटा पानी, बिजली का उत्पादन भी गिरा, UPCL की बढ़ी चिंता
मार्च के पहले सप्ताह में प्रदेश में बिजली की रोजाना खपत करीब तीन करोड़ 90 लाख यूनिट रही है। इनमें से 72 लाख यूनिट तो केंद्र सरकार से मिल गई थी लेकिन अब राज्य का अपना उत्पादन कम हो गया है।
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नदियों में जल स्तर कम होने से उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) का बिजली उत्पादन घट गया है। इस वजह से यूपीसीएल की चिंता बढ़ गई है। पिछले छह दिन से यूजेवीएनएल से 80 लाख यूनिट ही बिजली मिल पा रही है।
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मार्च के पहले सप्ताह में प्रदेश में बिजली की रोजाना खपत करीब तीन करोड़ 90 लाख यूनिट रही है। इनमें से 72 लाख यूनिट तो केंद्र सरकार से मिल गई थी लेकिन अब राज्य का अपना उत्पादन कम हो गया है। पिछले एक सप्ताह में इसमें करीब 20 लाख यूनिट की कमी आई है।
इस वजह से यूपीसीएल को फिर बाजार का मुंह देखने के साथ ही कुछ जगहों पर अकस्मात बिजली कटौती भी करनी पड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार बारिश न होने की वजह से नदियों में पानी का स्तर गिर रहा है। इस वजह से यूजेवीएनएल के लिए विद्युत उत्पादन टेढ़ी खीर साबित होता जा रहा है।
पिछले पांच दिनों में कुल मांग, उत्पादन
तिथि- यूजेवीएनएल का उत्पादन- केंद्रीय हिस्से की बिजली- मांग
एक मार्च- एक करोड़ यूनिट- 1.5 करोड़ यूनिट- 3.9 करोड़ यूनिट
दो मार्च- 80 लाख यूनिट- 1.5 करोड़ यूनिट- 3.9 करोड़ यूनिट
तीन मार्च- 80 लाख यूनिट- 1.7 करोड़ यूनिट- 3.9 करोड़ यूनिट
चार मार्च- 80 लाख यूनिट- 1.7 करोड़ यूनिट- 3.9 करोड़ यूनिट
पांच मार्च- 80 लाख यूनिट- 1.8 करोड़ यूनिट- 3.7 करोड़ यूनिट
कम अवधि की निविदा से बिजली खरीद
इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से रोजाना नगद में महंगी बिजली खरीदने के बजाय अब यूपीसीएल कम अवधि की निविदा के माध्यम से बिजली खरीद रहा है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार का कहना है कि बाजार से अब सीधे बिजली खरीद के बजाए निविदा के माध्यम से खरीद की जा रही है। इससे रोजाना नगद देने का भी बोझ नहीं होता।