उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों पर प्रदूषण प्रमाणपत्र होने के बावजूद दिल्ली में लगा एक लाख का जुर्माना
- परिवहन निगम के दो सहायक महाप्रबंधकों से स्पष्टीकरण तलब
- दिल्ली में परिवहन निगम की बसों पर दो लाख का जुर्माना लगाए जाने का मामला
- दिल्ली में कई राज्यों की 67 बसों पर लगाया गया है भारी भरकम जुर्माना
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दिल्ली में उत्तराखंड परिवहन निगम की दो बसों पर एक एक लाख का जुर्माना लगाए जाने के बाद प्रबंध निदेशक ने रुद्रपुर व ऋषिकेश के सहायक महाप्रबंधकों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
दूसरी ओर दोनों बस चालकों के पास प्रदूषण प्रमाणपत्र होने के बावजूद जुर्माना लगाए जाने को लेकर उप महाप्रबंधक की अगुवाई में अधिकारियों की टीम दिल्ली भेजी गई है। वहीं दोनाें बसों से धुआं निकलने की वजह से एक एक लाख का जुर्माना लगाए जाने के बाद विभागीय अधिकारी इसे गैरकानूनी बता रहे हैं।
बता दें, एक दिन पूर्व दिल्ली में जांच के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने उत्तराखंड,यूपी, हिमाचल प्रदेश, पंजाब समेत कई राज्यों की बसों की औचक जांच की थी। इस दौरान बस चालकों के पास प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र नहीं होने या फिर गाड़ियों से मानक के अधिक प्रदूषण निकलने की वजह से 67 गाड़ियों पर एक एक लाख का जुर्माना लगाया गया था।
प्रदूषण जांच से संबंधित कागजात होने के बावजूद जुर्माना लगाया
इसी अभियान के दौरान उत्तराखंड परिवहन निगम के रुद्रपुर व ऋषिकेश डिपो की दो बसों पर भी एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन अब इस मामले में प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान ने संबंधित सहायक महाप्रबंधकों ने स्पष्टीकरण तलब किया है।
कारण कि केंद्र सरकार की ओर से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान ने सभी सहायक महाप्रबंधकोें को निर्देशित किया था कि यदि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत परिवहन निगम की किसी बस के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी तो इसके लिए संबंधित सहायक महाप्रबंधक सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
दूसरी ओर परिवहन निगम की बसों पर दो लाख का जुर्माना लगाए जाने के बाद विभागीय अधिकारियों ने जुर्माना लगाने वाले अधिकारियोें से दो दो हाथ करने का निर्णय लिया है। प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान का कहना है कि चालकों के पास प्रदूषण जांच से संबंधित कागजात होने के बावजूद जुर्माना लगाया जाना समझ से परे है। फिलहाल प्रकरण को निपटाने के लिए उप महाप्रबंधक की अगुवाई में एक टीम दिल्ली भेजी जा रही है जो तमाम पहलुओं पर चर्चा करने के साथ ही प्रकरण का निपटारा करेगी।