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उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले में खुले सनसनीखेज राज, जानिए

Sat, 24 Jun 2017 10:53 AM IST
राकेश खंडूड़ी/ अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूड़ी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 24 Jun 2017 10:53 AM IST
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uttarakhand scholarship scam
scholarship scam in uttarakhand

सियासी फिजाओं में रह-रहकर गूंज रहे छात्रवृत्ति घोटाले की जांच को लेकर रहस्य बना हुआ है, लेकिन इससे जुड़े सनसनीखेज तथ्य लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक तथ्य यह भी सामने आया है कि छात्रों ने एक साथ ही एक शैक्षणिक सत्र में अलग-अलग कॉलेजों में अलग-अलग पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया और छात्रवृत्ति डकार ली।

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कई मामलों में दाखिले के फार्म पर जो मोबाइल नंबर दर्ज कराए गए हैं, उन पर संपर्क साधा गया तो वो किसी और के निकले। कई छात्रों के फार्म पर एक ही मोबाइल नंबर दर्ज मिले।
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अमर उजाला के हाथ लगे कई तथ्यों में यह खुलासा हुआ कि पिछले सालों के दौरान गरीब, दलित, पिछड़े छात्रों को उच्च और गुणवत्ता परक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए जो शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है, उसे कतिपय छात्र, विभागीय अफसर और संस्थान संचालकों की कथित गिरोहबंदी की जरिये ठिकाने लगा दिया गया।
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मिसाल के तौर पर भगवानपुर के मौनू कुमार ने वर्ष 2015-16 में हरिद्वार जनपद में तीन अलग-अलग संस्थानों में एलएलबी, बीबीए और पालीटेक्निक कोर्स में दाखिला लिया और इन कोर्सों के एवज में उसके बैंक खातों में 80 हजार रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति पहुंची। अब ये जांच ही बताएगी कि ये राशि किसकी जेब में गई?

तथ्यों की पड़ताल से ऐसे दर्जनों प्रकरण पकड़ में आए हैं, जिनमें छात्र एक ही शैक्षणिक वर्ष में अलग-अलग संस्थानों से डबल और ट्रिपल कोर्स कर रहे हैं। मजेदार बात यह है कि इस तरह के तकरीबन सारे प्रकरण निजी शिक्षण से संस्थानों से जुड़े हैं।  

ये उठते हैं सवाल

uttarakhand scholarship scam
यशपाल आर्य - फोटो : अमरउजाला

अमर उजाला ने मोनू कुमार के प्रवेश फार्म पर दर्ज एक मोबाइल नंबर पर जब संपर्क किया तो उसे रुड़की के सूरज कुमार ने उठाया। उन्होंने बताया कि नंबर मोनू का नहीं उनका है। वह रुड़की में साइबर कैफे चलाते हैं। मोनू के दूसरे नंबर पर संपर्क किया गया तो उसे मवाना मेरठ के परविंदर कुमार ने उठाया। उन्होंने बताया कि उन्हें मोनू कुमार के नाम से कई फोन आते हैं। तीसरा नंबर मिलाया तो वह एक्जिस्ट ही नहीं करता। मजेदार बात यह है कि विभागीय जांच में ये तथ्य क्यों उजागर नहीं हो पाए?

सवाल-
-क्या एक ही शैक्षणिक वर्ष में एक साथ दो या तीन पाठ्यक्रम में दाखिला मुमकिन है।
-ऐसे प्रकरणों को पकड़ने के लिए विभाग के पास क्या कोई क्रास चेक सिस्टम है। यदि है तो ये प्रकरण उसकी पकड़ से बाहर क्यों रहे?
-वर्ष 2011 में निदेशालय के स्तर पर ऐसे प्रकरणों पर सवाल उठे थे और छात्रों और छात्रवृत्ति के सत्यापन की बात हुई थी, उसके बाद भी विभाग ने ठोस कार्ययोजना क्यों नहीं बनाई?
-तथ्यों की पड़ताल से ये बात भी सामने आई है कि कई संस्थानों में छात्रों के एक ही बैंक शाखा में बल्क में खाते खोले गए हैं, जो कथित खेल होने का संदेह पैदा करते हैं।
-बीबीए, एलएलबी समेत अन्य पाठ्यक्रमों के प्रवेश शुल्क में एक रूपता क्यों नहीं है? एक ही तरह के पाठ्यक्रम के लिए किसी संस्थान को ज्यादा प्रतिपूर्ति शुल्क दिया जा रहा है तो किसी को कम, ऐसा क्यों?

क्या घोटाले का पटाक्षेप होगा?
सियासी हलकों में ही नहीं समाज कल्याण विभाग के भीतर भी ये सवाल तैर रहा है कि क्या छात्रवृत्ति घोटाले का पटाक्षेप होगा? भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस वाली त्रिवेंद्र सरकार ने इस प्रकरण की एसआईटी जांच के लिए गृह विभाग के सुपुर्द कर दिया है। विभागीय स्तर पर इस प्रकरण की प्राथमिक जांच में कई तथ्य सामने आ चुके हैं। हालांकि मुख्यमंत्री को इस घोटाले की राशि को लेकर संदेह है मगर कथित अनियमितता की संभावना को वह भी सिरे से खारिज नहीं कर पाए हैं। जितने गंभीर तथ्य राज्य के बाहर की मेवाड़ यूनिवर्सिटी की जांच को लेकर सामने आए थे, उतने ही संगीन प्रकरण राज्य के भीतर के कतिपय संस्थानों में भी जांच के बाद सामने आ सकते हैं। 

समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य का कहना है कि छात्रवृत्ति में अनियमितता की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। सरकार इस प्रकरण को लेकर बेहद गंभीर है और इसकी जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पढ़ें ये हैं केस

uttarakhand scholarship scam
scholarship scam in uttarakhand

केस-1
छात्र का नाम: मोनू कुमार पुत्र पलटू सिंह (चुडियाला, मोहनपुर, भगवानपुर)
पहला दाखिला: अमृत लॉ कालेज, धनौरी, रुड़की में
कोर्स: एलएलबी
एप्लीकेशन नंबर: 3507023775
बैंक: बैंक आफ बड़ौदा, रुड़की
स्कालरशिप की राशि: 40150 रुपये

दूसरा दाखिला: कालेज: भरतिया महाविद्यालय, रुड़की में
कोर्स: बीबीए
एप्लीकेशन नंबर: 350717879
बैंक: बैंक आफ बड़ौदा, रामनगर, रुड़की
स्कालरशिप की राशि: 22650 रुपये

तीसरा दाखिला: आईएमएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की
कोर्स: पॉलिटेक्निक डिप्लोमा
एप्लीकेशन नंबर 3507011449
बैंक: पीएनबी, एनआईटी रुड़की
स्कालरशिप की राशि: 18650 रुपये


केस नंबर दो
छात्र का नाम: विनीत कुमार पुत्र सरम सिंह(मजीदपुर, सत्तीवाला, भगवानपुर)
पहला दाखिला: आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज धनौरी
कोर्स- पंच कर्म
एप्लीकेशन नंबर-3507243183
बैंक: ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स, बहादराबाद
स्कालरशिप: 25150 रुपये

दूसरा दाखिला: रानीपुर प्राइवेट आईटीआई
कोर्स: आईटीआई
एप्लीकेशन नंबर-3507156127
स्कालरशिप की राशि: 9400 रुपये

तीसरा दाखिला: स्वामी विवेकानंद ऑफ कॉलेज ऑफ एजूकेशन, हरिद्वार
कोर्स: बीसीए
एप्लीकेशन नंबर:3507182145
बैंक: यूको बैंक, रामनगर, रुड़की
स्कालरशिप: 17120 रुपये

केस नंबर तीन
मोनू कुमार पुत्र श्री धर्मपाल, धीर माजरा
पहला दाखिला: अमृत कॉलेज आफ एजूकेशन, रुड़की, धनौरी
कोर्स: मास कम्युनिकेशन
एप्लीकेशन नंबर: 3507025868
बैंक: पीएनबी, भगवानपुर
स्कालरशिप: 25150 रुपये

दूसरा दाखिला: बाबू राम डिग्री कॉलेज
कोर्स: बीबीए
एप्लीकेशन नंबर: 3507133138
बैंक: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
स्कालरशिप: 17385 रुपये

तीसरा दाखिला: भरतिया महाविद्यालय, हरिद्वार
कोर्स: बीबीए
एप्लीकेशन नंबर-350717815
बैंक: बैंक ऑफ बड़ौदा, रुड़की
स्कालरशिप: 22650 रुपये

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