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उत्तराखंडः इंजीनियरों के तबादलों पर बवाल, डिप्लोमा संघ ने उठाए सवाल

Thu, 09 Jan 2020 10:07 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 09 Jan 2020 10:07 AM IST
सार

  • कहा- चहेतों को मिला इनाम, सुगम से सुगम कर दिया तबादला
  • ट्रांसफर एक्ट की उड़ी धज्जियां, मुख्यमंत्री को अंधेरे में रखा गया

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Uttarakhand: Ruckus over transfer of engineers, diploma association raises questions
सांकेतिक - फोटो : social media

विस्तार

शासन स्तर पर 19 इंजीनियरों को रिवर्ट करने के साथ हुए बंपर तबादलों पर बवाल शुरू हो गया है। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने तबादलों पर सवाल उठाए हैं। संघ नेताओं ने चीफ इंजीनियर अयाज अहमद से मुलाकात कर तबादलों पर अपना विरोध दर्ज किया।

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संघ का कहना है कि मामूली दोषों के आधार पर इंजीनियरों को रिवर्ट कर दिया गया। ट्रांसफर एक्ट की धज्जियां उड़ाते हुए दुर्गम में कम समय होने के बावजूद चहेते इंजीनियरों को देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर और हल्द्वानी में ट्रांसफर कर उन्हें एडजस्ट कर दिया गया। संघ ने कहा कि चहेतों को एडजस्ट करने के लिए अधिनियम में छूट प्राप्त इंजीनियरों को  हरिद्वार से हटा दिया गया। 
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 संघ के मुताबिक, तबादले की कार्रवाई में मुख्यमंत्री को भी अंधेरे में रखा गया। संघ ने चेतावनी दी कि ट्रांसफर में हुई कमियों को शीघ्र दूर नहीं किया तो पूर्व घोषित आंदोलन को और ज्यादा उग्र करने को बाध्य हो जाएगा। यमुना कालोनी स्थित संघ भवन में हुई प्रांतीय अध्यक्ष आरएस मेहरा की अध्यक्षता में हुई आपातकालीन बैठक में ये निर्णय लिया।
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संघ के प्रांतीय महामंत्री एसएस चौहान ने बताया कि संघ ने लंबित मसलों को लेकर 26 दिसंबर से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है, लेकिन इस पर सकारात्मक कार्रवाई करने के स्थान पर शासन रिवर्ट जैसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई कर रहा है, जो संघ को स्वीकार्य नहीं है। बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष अरुण भंडारी, अतिरिक्त प्रांतीय महामंत्री बीएस चौहान, केके उनियाल, प्रवीण सक्सेना, छब्बील दास सैनी, शिवराज सिंह लोधियाल, सत्येन कुमार सैनी, जगन मोहन सिंह रावत उपस्थित थे। 

संघ ने दिए मनमानी के उदाहरण

1. संघ ने उदाहरण देकर ट्रांसफर पर सवाल उठाए। कहा कि प्रभारी एई धीरेंद्र लोशाली पांच साल से कोमा में हैं। वे वीआरएस के लिए आवेदन कर चुके हैं। उनके आवेदन पर फैसला करने के बजाय उन्हें डिमोट कर थराली से भवाली ट्रांसफर कर दिया गया। 

2. एई राकेश कुमार नेगी 28 वर्ष से दुर्गम में सेवा दे रहे हैं। उन्हें दोबारा एडजस्टमेंट के नाम पर अति दुर्गम में ट्रांसफर कर दिया।
3. एएई अजीत सिंह पूर्ण दिव्यांग होने के बाद व स्थानांतरण में छूट के बाद सुगम से दुर्गम में भेज दिए गए।
4. एई मुकेश सैनी की आयु 56 वर्ष होने के बाद भी हरिद्वार से अति दुर्गम में ट्रांसफर कर दिए गए।
5. क्षेत्रीय चीफ इंजीनियर कार्यालय हल्द्वानी में एक्सईन का एक पद स्वीकृत होने के बावजूद पांच एक्सईन तैनात कर दिए गए।

चहेतों को सुगम में मिली तैनाती: संघ

उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने कहा कि चहेते इंजीनियरों को दुर्गम में कम अवधि के बावजूद सुगम में ट्रांसफर कर दिया गया। इनमें इंजीनियर अनीता भट्ट को अल्मोड़ा से देहरादून, साक्षी रौतेला को पिथौरागढ़ से देहरादून, देवेंद्री को पौड़ी से देहरादून, रितिका सेमवाल को पौड़ी से देहरादून, विनीत सैनी को डीडीहाट से देहरादून, अनुपमा डोभाल को नई टिहरी से देहरादून, नवीन ध्यानी को उत्तरकाशी से हरिद्वार, भुवन चंद्र पांडेय को रुद्रप्रयाग से हरिद्वार, गणेश दत्त जोशी को डीडीहाट से हरिद्वार व नेहा शर्मा को देहरादून से रामनगर सुगम में तैनाती की सौगात मिली है।

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