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Chamoli Rishiganga Disaster : ऋषिगंगा आपदा की वजह से विष्णुप्रयाग प्रोजेक्ट में भी बिजली उत्पादन बंद

Tue, 09 Feb 2021 10:28 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 09 Feb 2021 10:28 AM IST
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uttarakhand rishiganga disaster news : Power production stopped in Vishnuprayag project due to disaster
इसी जगह पर था ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट - फोटो : अमर उजाला

ऋषिगंगा में आई आपदा की वजह से निकटतम 400 मेगावाट के विष्णुप्रयाग हाईड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना से भी बिजली का उत्पादन बंद हो गया है। इस परियोजना बैराज अलकनंदा पर बनी हुई है, जिससे धौलीगंगा नदी में पानी प्रवाहित होता है। इस परियोजना का संचालन करने वाली जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (जेपीवीएल) ने कहा है कि वह सफाई और जांच के बाद दोबारा बिजली उत्पादन शुरू करेंगे। 

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जेपीवीएल के मुताबिक, रविवार को रैणी गांव में धौलीगंगा नदी घाटी में एक हिमखंड (ग्लेशियर) गिर गया, जिससे नदी के जल स्तर में अथाह वृद्धि हो गई। जेपीवीएल की 400 मेगावाट की विष्णुप्रयाग हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना का बैराज अलकनंदा नदी पर स्थित है। इसकी टेल रेस टनल धौलीगंगा नदी में जल प्रवाहित करती है। 
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जेपीवीएल प्रबंधन ने बताया कि इस अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न घटनाक्रम में बिजली उत्पादन बंद हो गया है। नदी के तेज बहाव के कारण परियोजना के टेल रेस टनल में पानी के साथ काफी मिट्टी भी आ गई है। हम सभी पहलुओं की समीक्षा कर रहे हैं और परियोजना को इसके पूर्ववत स्थिति में वापस लाने के लिए लगने वाले समय का आकलन भी कर रहे हैं।

परियोजना से सात फरवरी को सुबह 11 बजे से बिजली का उत्पादन ठप पड़ा हुआ है। जेपीवीएल के मुताबिक, हमें विश्वास है कि विष्णुप्रयाग हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना सफाई और मरम्मत का काम पूरा करने और सभी पहलुओं की जांच करने के बाद परिचालन कुछ ही दिनों में फिर से शुरू कर सकेंगे।

13 गांव पड़े अलग-थलग, हेलीकॉप्टर से बांटी राहत सामग्री

मलारी हाईवे पर रैणी गांव के पास मोटर पुल बह जाने के बाद 13 गांव अलग-थलग पड़े हुए हैं। इन गांवों की आवाजाही ठप हो गई है। प्रभावित इन गांवों में जिला प्रशासन ने हेलीकॉप्टर से राशन किट बांटे साथ ही कई लोगों को रेस्क्यू कर दूसरे छोर तक पहुंचाया गया। जोशीमठ और मलारी क्षेत्र में फंसे 60 लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

सोमवार को रैणी, जुग्जु, पेंग, सुरांईथोटा, मुरेंडा, भंग्यूल, जुआग्वाड़ और लाता गांव में हेलीकॉप्टर से राशन वितरित किया गया। राशन किट में पांच किलो आटा और पांच किलो चावल, एक किलो तेल व अन्य जरूरी सामग्री दी गई है। ग्रामीणों को मेेडिकल किट भी वितरित किए गए हैं।

जोशीमठ और मलारी क्षेत्र में फंसे 60 लोगों को भी हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया। जोशीमठ के राजस्व निरीक्षक विजय डुंगरियाल ने बताया कि मलारी क्षेत्र के प्रभावित गांवों में लोगों को लाने-ले जाने के लिए हेली सेवा लगाई गई है। साथ ही प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न सामग्री भी बांटी गई।

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