उत्तराखंड में बारिश का कहर: रुड़की में बाढ़ के पानी से बाणगंगा का तटबंध ध्वस्त, खेतों में घुसा पानी
दो दिन तक पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के चलते गंगा का जलस्तर सोमवार देर रात खतरे के निशान 294 मीटर को पार कर गया था।
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पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के चलते गंगा में आए बाढ़ के पानी ने शेरपुर बेला के पास बाणगंगा नदी का तटबंध ध्वस्त कर दिया। ग्रामीणों के साथ मिलकर सिंचाई विभाग ने तटबंध की मरम्मत की। जिलाधिकारी ने भी तटबंध का निरीक्षण कर सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, फिलहाल स्थिति सामान्य है। बाढ़ का पानी गांवों के बाहर संपर्क मार्गों तक सीमित है।
तीन जगह से टूटे पड़े तटबंध से बाढ़ का पानी खानपुर क्षेत्र की लगभग 15 हजार बीघा कृषि भूमि पर फैल गया था। गंगा में आए बाढ़ के पानी से बाणगंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया था। मंगलवार रात शेरपुर बेला गांव के पास बाणगंगा नदी के तटबंध में रिसाव शुरू हो गया था। इसके बाद बाढ़ के पानी ने तंटबध तोड़ दिया, जिससे बाढ़ का पानी गांवों में घुसने का खतरा मंडराने लगा।
ग्रामीणों और सिंचाई विभाग ने किसी तरह तंटबध की मरम्मत की। बुधवार सुबह डीएम विनय शंकर पांडेय ने तंटबध का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजनौर के डीएम से मोबाइल पर बात कर बिजनौर में स्थित मध्य गंगा के बैराज के गेट खुलवाकर पानी को आगे निकालने का आग्रह किया। डीएम बिजनौर ने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया। इस अवसर पर एडीएम प्रेमलाल शाह, लक्सर एसडीएम वैभव गुप्ता आदि मौजूद थे। डीएम ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है। फिर भी तहसील प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सतर्क रहने, हालात पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
एनडीआरएफ ने खानपुर में बंधों को किया दुरुस्त
नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम ने गंगा का जलस्तर से क्षतिग्रस्त हो चुके बंधों को दुरुस्त किया। टीम ने बंधों पर प्लास्टिक के बोरों में मिट्टी भरकर लगाई। साथ ही रामपुर रायघटी गांव के पास गंगा के किनारे पहुंचकर पानी का जायजा लिया। साथ ही ग्रामीणों को पानी से दूर रहने की चेतावनी दी।
पहाड़ों में हुई भारी बरसात के चलते नीलधारा गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को छूकर बह रहा है। जलस्तर बढ़ता देख मंगलवार शाम करीब पांच बजे एनडीआरएफ की टीम सुल्तानपुर क्षेत्र के रामपुर रायघटी गांव के पास गंगा तटबंध पर पहुंची। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने एनडीआरएफ की टीम के जवानों को बताया कि गंगा में पानी बढ़ता जा रहा है। पानी तटबंध के किनारों को छूकर बह रहा है। इससे तटबंध में कटाव आने की आशंका है।
एनडीआरएफ की टीम ने मोटर बोट से गंगा में उतरकर पानी और गंगा के तटबंध का जायजा लिया। साथ ही गंगा तटबंध के समीप गांव के ग्रामीणों को पानी से दूर रहने की चेतावनी दी है। साथ ही पानी को रोकने के लिए बनाए गए बंधों की मरम्मत की। प्लास्टिक के बोरों में मिट्टी भरकर बंधों की मरम्मत की गई। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर राजकिशोर ने बताया कि खानपुर क्षेत्र में बंधों को दुरुस्त किया गया है। इसके साथ ही मोटर बोट से पूरे गंगा क्षेत्र में गश्त भी की गई। उन्होंने बताया कि टीम हरिद्वार में ही गश्त करती रहेगी।