Dehradun: सरकार के खिलाफ पीटीए शिक्षकों ने निकाली रैली, सरकारी मानदेय से वंचित रखने का आरोप
नाराज शिक्षकों ने सीएम आवास कूच किया। शिक्षकों का कहना है कि अशासकीय विद्यालयों में पूर्व में रखे गए शिक्षकों को सरकारी मानदेय के दायरे में लाने के बाद उन्हें तदर्थ नियुक्ति दी गई। लेकिन उन्हें छोड़ दिया गया है।
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मानदेय समेत अन्य मांगों के लिए लंबे समय से आंदोलन कर रहे पीटीए शिक्षकों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सोमवार को परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच के लिए निकले शिक्षकों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा कनक चौक पर ही रोक लिया।
सुबह करीब 11 बजे शिक्षक रैली के रूप में परेड ग्राउंड से सचिवालय के लिए निकले लेकिन जैसे ही वे कनक चौक के पास पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस पर उन्होंने वहीं प्रदर्शन किया। कहा, शिक्षकों को 2003, 2007, 2011 और 2016 में नियुक्त शिक्षकों के समान मानदेय दिया जाए। शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले आठ साल से बहुत ही कम मानदेय पर काम कर रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें सिर्फ इसलिए मानदेय से वंचित रखा गया है क्योंकि उनकी नियुक्ति 30 जून 2016 की कट-ऑफ डेट के बाद हुई थी।
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शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया, शिक्षा निदेशक ने शिक्षा मंत्री के निर्देश पर सभी जिलों से योग्य पीटीए शिक्षकों की सूची मांग गई थी जो शासन को भेजी भी जा चुकी है लेकिन इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। उधर लंबे समय से जारी धरने के कारण शिक्षकों को भारी मानसिक, आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।