फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Power Corporation-Ureda approached the commission to extend the time limit of the solar project

Uttarakhand: सोलर प्रोजेक्ट की समय-सीमा बढ़ाने के लिए आयोग पहुंचे निगम-उरेडा, आठ सितंबर तक मांगे सुझाव

Sun, 17 Aug 2025 06:40 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 17 Aug 2025 06:40 PM IST
सार

उत्तराखंड की तीन सौर ऊर्जा परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पाईं। इनमें 2.5 मेगावाट डाकपत्थर, 6.25 मेगावाट ढालीपुर और 9.5 मेगावाट कुल्हाल की परियोजनाएं शामिल हैं।

विज्ञापन
Uttarakhand Power Corporation-Ureda approached the commission to extend the time limit of the solar project
- फोटो : freepik.com(प्रतीकात्मक)

विस्तार

समय से सोलर प्रोजेक्ट का निर्माण न कर पाने से परेशान यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और उरेडा अब समयसीमा बढ़वाने के लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग पहुंच गए हैं। आयोग ने इनकी याचिका पर आठ सितंबर तक सुझाव मांगे हैं।

विज्ञापन


उत्तराखंड की तीन सौर ऊर्जा परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पाईं। इनमें 2.5 मेगावाट डाकपत्थर, 6.25 मेगावाट ढालीपुर और 9.5 मेगावाट कुल्हाल की परियोजनाएं शामिल हैं। इनकी तय वाणिज्यिक संचालन तिथि 11 फरवरी 2025 रखी थी लेकिन जमीन अधिग्रहण व अन्य कारणों से निर्माण शुरू होने में देरी हुई है।
विज्ञापन


इससे पहले भी कई सौर प्रोजेक्ट की तारीखें बढ़ाने का अनुरोध किया गया था, जिसे आयोग ने खारिज कर दिया था। आयोग ने उरेडा को 12 फर्मों के सोलर प्रोजेक्ट के अनुमति पत्र ही रद्द करने के निर्देश दिए थे। इस पर पुनर्विचार के लिए उरेडा आयोग पहुंचा था, जिसे आयोग ने खारिज कर दिया था। अब तीसरी बार उरेडा और ये सभी निजी फर्म अपने प्रोजेक्ट की समयावधि बढ़वाने के लिए आयोग पहुंचे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


Uttarakhand: धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला, प्रदेश में होगा उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन

आठ सितंबर तक यहां भेजें अपने सुझाव
इन सभी प्रस्तावों पर आयोग ने सभी हितधारकों, जनता से सुझाव मांगे हैं। आठ सितंबर तक अपने लिखित सुझाव सचिव, उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग, विद्युत नियामक भवन, आईएसबीटी के पास, देहरादून-248171 के अलावा secy.uerc@gov.in पर ई-मेल भी कर सकते हैं।

12 फर्मों का तर्क, कोविड के कारण पूरा न हो पाया निर्माण
सौर ऊर्जा नीति 2013 के अंतर्गत सोलर प्रोजेक्ट हासिल करने वाली 12 फर्मों को उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा अभिकरण (उरेडा) ने पुरानी सौर ऊर्जा नीति के तहत निविदा के माध्यम से 2019-20 में सोलर परियोजनाएं आवंटित की थीं। इन्हें करीब एक साल में अपनी परियोजनाएं तैयार करनी थी लेकिन कोविड के कारण पूरे नहीं कर पाए। इस साल 27 मार्च को नियामक आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इन सभी फर्मों की परियोजनाओं के आवंटन को रद्द कर दिया था। सभी ने नियामक आयोग में पुनर्विचार याचिका दायर की थीं, जिसे 24 जुलाई को आयोग ने खारिज कर दिया था। इनमें पीपीएम सोलर एनर्जी, एआर सन टेक, पशुपति सोलर एनर्जी, दून वैली सोलर पावर, मदन सिंह जीना, दारदौर टेक्नोलॉजी, एसआरए सोलर एनर्जी, प्रिस्की टेक्नोलॉजी, हर्षित सोलर एनर्जी, जीसीएस सोलर एनर्जी, देवेंद्र एंड संस एनर्जी, डेलीहंट एनर्जी के नाम शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed