त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2019: गर्भवती महिला के चुनाव लड़ने पर भी बनी है शंका, ये है वजह
- असमंजस में पहली संतान के बाद दूसरी जुड़वां संतान वाली महिलाएं
- नहीं मिल रही स्पष्ट जानकारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दो से अधिक बच्चों वाले महिला-पुरुष को चुनाव से बाहर करने सहित सीटों का आरक्षण और शैक्षिक योग्यता तय करने के बाद चुनाव अधिसूचना जारी की गई है, लेकिन पहली संतान के बाद जुड़वां बच्चे और दो बच्चों वाली महिला के गर्भवती होने पर उसके चुनाव मैदान में उतरने को लेकर शंका बनी हुई है। इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से ऐसे लोग खासे बेचैन हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी करते हुए पहले चरण के चुनाव के लिए 20 सितंबर से नामांकन पत्र दाखिल करने की तिथि तय कर दी है, लेकिन बच्चों को लेकर लोगों में अभी कुछ सवाल ऐसे हैं, जिसकी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।
असमंजस की स्थिति बनी हुई है
भिलंगना ब्लॉक में खवाड़ा की संतोषी रावत ने बताया कि वह लंबे समय से पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं, लेकिन पहली संतान के बाद जुड़वां बच्चे होने के कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ब्लॉक से लेकर जिला पंचायतराज अधिकारी से भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसी तरह दो बच्चों वाली महिला के गर्भवती होने पर उसके चुनाव लड़ने को लेकर भी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
इस संबंध में अभी कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं मिली है। ऐसे मामलों को लेकर रिटर्निंग ऑफिसरों की ट्रेनिंग के दौरान चर्चा हुई थी, जिसमें पहली संतान के बाद जुड़वां बच्चे होने की स्थिति में उसे वैध बताया गया है। दो बच्चों वाली महिला चुनाव जीतने के बाद तीसरे बच्चे को जन्म देती है, तो उसका चुनाव निरस्त हो सकता है।
- आरएस असवाल , जिला पंचायतराज अधिकारी