Uttarakhand: डेंगू-चिकनगुनिया के खिलाफ बहुस्तरीय अभियान चलाने के निर्देश, सभी जिलों में आइसोलेशन वार्ड बनेंगे
Uttarakhand News: अमर उजाला ने मंगलवार को जिले के 15 मरीजों में हुई डेंगू की पुष्टि शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया।
विस्तार
शासन ने प्रदेश में डेंगू-चिकनगुनिया के खिलाफ बहुस्तरीय अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने डेंगू समेत अन्य मच्छर जनित रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागों को मोर्चे पर उतर कर अभियान में जुटने को कहा है।
बता दें कि अमर उजाला ने मंगलवार को जिले के 15 मरीजों में हुई डेंगू की पुष्टि शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया। स्वास्थ्य सचिव ने सोर्स रिडक्शन के तहत सफाई अभियान चलाने के साथ ही लार्वा नियंत्रण का काम करने, बीमारी से निपटने के लिए ब्लॉक स्तर पर माइक्रो लेवल प्लान बनाने तथा सभी जिलों में अलग डेंगू आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सीएम धामी व स्वास्थ्य मंत्री रावत के दिशा-निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग सहित सभी विभागों को अलर्ट कर दिया गया है। विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी गई है।
सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू व चिकनगुनिया रोगियों के इलाज के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार व्यवस्थाएं लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों में अलग डेंगू आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए जाएंगे, जिनमें मच्छरदानी युक्त पर्याप्त संख्या में बेड, प्रशिक्षित चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और जरूरी उपकरण मौजूद रहेंगे। प्लेटलेट्स, एलाइजा जांच किट, और अन्य औषधीय सामग्री की समय पर आपूर्ति अनिवार्य की गई है। फीवर सर्वेक्षण के जरिए संदिग्ध रोगियों की पहचान की जाएगी और पॉजिटिव केस मिलने पर रोगी के घर से 50 मीटर की परिधि में स्पेस स्प्रे किया जाएगा। रैपिड रिस्पॉन्स टीम को हर जिले में अलर्ट मोड पर रखा गया है।
Dehradun: राजधानी में 13 दिनों में 15 मरीजों में डेंगू वायरस की हुई पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग छिपा रहा आंकड़े
सभी जिलों में बनेंगे कंट्रोल रूम
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि राज्य मुख्यालय पर क्रियाशील हेल्पलाइन 104 को पूरी तरह से जनता के लिए सक्रिय रखा गया है ताकि कोई भी व्यक्ति तत्काल सलाह प्राप्त कर सके। डेंगू के संक्रमण काल के दौरान सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे और उनके नंबर राज्य एनवीबीडीसीपी यूनिट को उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि वे हर दिन शाम चार बजे तक दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें, चाहे कोई केस हो या न हो।
स्वच्छता, लार्वा नियंत्रण और जनजागरूकता पर विशेष बल
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए सोर्स रिडक्शन जरूरी है। नगर निगमों व नगर निकायों को निर्देशित किया गया है कि वे नियमित रूप से सफाई अभियान, नाले-नालियों की सफाई, जल जमाव हटाने तथा कचरा निस्तारण पर जोर दें। सोर्स रिडक्शन के तहत आशा कार्यकर्ताओं की टीमों को प्रशिक्षित कर फील्ड में सक्रिय किया जाएगा जो घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। जरूरत के अनुसार फॉगिंग किया जाएगा।। जनजागरूकता अभियान के लिए हैंडबिल, पोस्टर, बैनर, नुक्कड़ नाटक, स्कूलों में गोष्ठियां होगी। सभी ब्लॉकों को माइक्रो प्लान तैयार कर राज्य एनवीबीडीसीपी यूनिट को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया से लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सभी विभाग निभाएं सक्रिय भूमिका
स्वास्थ्य सचिव डाॅ आर राजेश कुमार ने बताया कि इस बार की कार्ययोजना में यह विशेष ध्यान दिया गया है कि केवल स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि अन्य विभाग भी जिम्मेदार भूमिका निभाएं। नगर विकास, पंचायती राज, जल संस्थान, विद्यालय शिक्षा, सूचना एवं जनसंपर्क जैसे विभागों को उनकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।