Uttarakhand: 86 अर्बन हेल्थ सेंटर और 29 मोबाइल मेडिकल यूनिट का काम अटका, टेंडर प्रक्रिया लटकी
शहरी निकायों में मलिन बस्तियों, कम आय वाली आबादी के आसपास बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत ये हेल्थ सेंटर और मोबाइल यूनिट शुरू की जानी थी।
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मलिन बस्तियों और कम आय वालों के लिए प्रदेश में 86 अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और 29 मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू करने की योजना अधर में लटक गई है। शहरी विकास निदेशालय ने इसके लिए जो टेंडर निकाला था, वह कम रेट की निविदा आने की वजह से निरस्त कर दिया था। इसके बाद से प्रक्रिया लटकी हुई है।
दरअसल, शहरी निकायों में मलिन बस्तियों, कम आय वाली आबादी के आसपास बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत ये हेल्थ सेंटर और मोबाइल यूनिट शुरू की जानी थी। इसके लिए शहरी विकास निदेशालय ने टेंडर निकाला था, जिसमें 18 में से 10 फर्मों को योग्य पाया गया था।
स्वास्थ्य विभाग ने अर्बन हेल्थ सेंटर के लिए 5.83 लाख प्रतिमाह का रेट निर्धारित किया हुआ है, जिसके सापेक्ष 43.18 से 59.86 प्रतिशत तक कम दरें निदेशालय को मिलीं। अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के अंतर्गत एक डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स या वार्ड ब्वाय, एक फार्मासिस्ट और दो सहायक कर्मचारी तैनात किए जाने हैं। साथ ही यहां से टेलीमेडिसिन सेवा भी उपलब्ध कराई जानी है।
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इसी प्रकार, मोबाइल मेडिकल यूनिट के तहत दो डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स, एक तकनीशियन, एक फार्मासिस्ट, एक एक्स-रे तकनीशियन, एक चालक की तैनाती की जानी है। निदेशालय ने माना कि इतनी सुविधाओं के सापेक्ष फर्मों ने कम दरें बताईं हैं, जिससे इस योजना का काम मानक के अनुसार नहीं हो पाएगा, जबकि तय दरों से कई गुना अधिक पर केवल एक फर्म आई थी।
लिहाजा, पिछले माह निदेशालय ने ये निविदा निरस्त कर दी थी। इसके बाद से ये प्रक्रिया लटकी हुई है। अब निदेशालय नए सिरे से निविदा निकालने की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा कि नए साल में भी गरीबों को ये सुविधा मुश्किल ही मिल पाएगी।