Uttarakhand: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में मिला बाघ का शव, गंगोलीहाट में तेंदुए की मौत, वन विभाग में हड़कंप
गश्ती दल को सोना नदी (मोरघट्टी) रेंज की कालू शहीद पश्चिमी बीट में एक बाघ जमीन पर लेटा नजर आया। काफी देर तक उसकी निगरानी की गई। जब बाघ की कोई हलचल नहीं हुई तो गश्ती दल ने नजदीक जाकर देखा तो वह मरा हुआ था।
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में शुक्रवार को बाघ का शव मिला। वहीं, गंगोलीहाट में एक तेंदुए की मौत हो गई। शव मिलने के बाद से ही वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सीटीआर के कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) वन प्रभाग में शुक्रवार को एक बाघ की मौत का मामला प्रकाश में आया है। महीने भर में इस क्षेत्र में बाघ की मौत का यह तीसरा मामला है। इससे पूर्व 20 मई को एक बाघिन और 5 मई को एक बाघ की यहां मौत हो चुकी है।
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केटीआर के डीएफओ नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि गश्ती दल को सोना नदी (मोरघट्टी) रेंज की कालू शहीद पश्चिमी बीट में एक बाघ जमीन पर लेटा नजर आया। काफी देर तक उसकी निगरानी की गई। जब बाघ की कोई हलचल नहीं हुई तो गश्ती दल ने नजदीक जाकर देखा तो वह मरा हुआ था। उनकी ओर से आला अधिकारियों को सूचना दी गई। कार्बेट और कोटद्वार से पशु चिकित्सक बुलाकर बाघ के शव का पोस्टमार्टम कर बिसरा सुरक्षित रखवा लिया गया है। बाघ के सभी अंग सुरक्षित हैं। बाघ के शरीर पर दूसरे बाघ के साथ हुए संघर्ष के निशान मिले हैं। प्रथम दृष्टया मौत की वजह आपसी संघर्ष प्रतीत हो रहा है। मृत बाघ नर है, जिसकी उम्र करीब छह से सात साल है।
तो पांच मई को हुए आपसी संघर्ष में घायल हुआ था यह बाघ
वन अधिकारियों का कहना है कि बीते पांच मई को इसी क्षेत्र के नलकट्टा में आपसी संघर्ष में एक पांच साल के नर बाघ की मौत हुई थी। वन अधिकारियों को आशंका है कि पांच मई को मारे गए बाघ के साथ हुए संघर्ष में यह बाघ घायल हुआ होगा। जिसे ट्रेस करने का प्रयास चल रहा था। लेकिन यह कहीं दिख नहीं रहा था। इससे पहले बीते 20 मई को सोनानदी के मोरघट्टी व पाखरो क्षेत्र में एक बाघिन की मौत हो चुकी है। तीनों मामलों को वन अधिकारी भले ही स्वाभाविक मौत मान रहे हैं। लेकिन एक माह में बाघ के मरने की तीन घटनाओं से विभाग में हड़कंप मचा है। उधर, केटीआर से सटे कार्बेट के कालागढ़ रेंज में फंदे से बची एक घायल बाघिन का सीटीआर प्रशासन अभी उपचार करा रहा है।
आपसी संघर्ष में मादा तेंदुए की मौत
गंगोलीहाट तहसील क्षेत्र के चाक बोरा गांव (राममंदिर) में मादा तेंदुआ मृत अवस्था में मिली है। वन विभाग ने सूचना के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव को नष्ट कर दिया। स्थानीय लोगों ने दूसरे तेंदुए के भी गंभीर रूप से घायल होने की आशंका जताई है।
चाक बोरा गांव क्षेत्र में शुक्रवार को व्यस्क मादा तेंदुए का शव दिखाई दिया। ग्राम प्रधान मनोज कुमार ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव काे कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय दशाईथल में पोस्टमार्टम कराया। पशु चिकित्सक हिमांशु पांगती और आयुष उनियाल ने बताया कि तेंदुए की मौत लंबे समय तक आपसी संघर्ष के कारण हुई है। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग ने शव को जला कर नष्ट कर दिया।
इधर, ग्रामीणों ने बताया कि गांव से लगभग 20-25 मीटर दूर दो तेंदुए आपस में संघर्ष करते देखे गए। तेंदुओं के संघर्ष के कारण ग्रामीण घर से बाहर नहीं निकले। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों को शव दिखाई दिया, जिसकी सूचना उन्होंने प्रधान को दी। वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
पकड़ में नहीं आया हमलावर तेंदुआ
ग्राम पंचायत जाखनी उप्रेती गांव में एक बच्चे को मौत के घाट उतारने और एक बलिका को गंभीर रूप से घायल करने वाला तेंदुआ अभी पकड़ में नहीं आ सका है। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है लेकिन तेंदुआ अभी तक पिंजरे के आसपास भी नहीं फटका है। जबकि वन विभाग की 20 सदस्यीय टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है।