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उत्तराखंड: स्पेशल टास्क फोर्स को बड़ी कामयाबी, 10 लाख की साइबर ठगी दो शातिर अपराधी गिरफ्तार

Thu, 12 Aug 2021 06:02 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 12 Aug 2021 06:02 PM IST
सार

स्पेशल टास्क फोर्स और साइबर पुलिस ने झारखंड से महाराष्ट्र तक इन अपराधियों का पीछा नहीं छोड़ा और गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों आरोपी अपने नए ठिकाने से गिरफ्तार हुए हैं।
 

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uttarakhand news: Special Task Force arrested two cyber criminals of Jharkhand from Pune
दो शातिर साइबर अपराधियों पर कार्रवाई की - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दस लाख रुपये की साइबर ठगी के आरोप में एसटीएफ ने दो ठगों को गिरफ्तार किया है। पुणे में हुई गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने ट्रांजिट रिमांड पर उत्तराखंड लेकर आ रही है। एसटीएफ ने दो दिन साइबर ठगी के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

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एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि स्थानीय निवासी यदुवीर सिंह ने इस मामले में शिकायत की थी। यदुवीर सिंह को एक व्यक्ति का फोन आया था। उसने खुद को एक्सिस बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बताया और उनसे बैंक की सभी डिटेल हासिल कर ली।
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उस वक्त उनके खाते में 10 लाख रुपये के पर्सनल लोन का ऑफर था। ठगों ने यह 10 लाख रुपये अपने खाते में ले लिए। साथ ही यदुवीर सिंह के खाते में 78 हजार रुपये और थे। उन्हें भी ठगों ने अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। 

अपने साथ हुई इस ठगी का पता उन्हें तब लगा जब वह बैंक गए। बैंक मानने को तैयार नहीं हुआ कि यह धोखाधड़ी कर लोन लिया गया है। लोन लेने के बाद सिबिल खराब न हो इसके लिए किश्त अदा करते रहे। लेकिन, इसी बीच उन्होंने साइबर थाने को शिकायत की।

साइबर थाना और एसटीएफ की टीम इस मामले की जांच में जुट गई। बैंक खातों और ई-वॉलेट की जांच करते हुए टीम महाराष्ट्र के पुणे तक जा पहुंची। यहां पर गिरोह के दो सदस्यों निसार अंसारी और अब्दुल अंसारी निवासी जामतारा, झारखंड को गिरफ्तार कर लिया। 


बैंक कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ही करते हैं कॉल 
यह गिरोह बैंक कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ही फोन करते हैं। इस गिरोह में 100 से ज्यादा लोग हैं। यह सब लोगों से बात कर उन्हें झांसे में लेते हैं और फिर उनसे नेट बैंकिंग का पासवर्ड हासिल कर ठगी को अंजाम देते हैं। इन्होंने अलग-अलग नामों पर बैंक खाते खुलवाए हुए हैं। इन खातों और ई-वॉलेट में यह पैसा ट्रांसफर करते हैं। 

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