छात्रवृत्ति घोटाला: सीवी रमन इंस्टीट्यूट का डायरेक्टर गिरफ्तार, लाखों रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने का आरोप
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एसएसपी पी. रेणुका देवी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने कोटद्वार में छात्रवृत्ति घोटाले के मुख्य आरोपी सीवी रमन इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर रहे अनिल परिहार को गिरफ्तार कर लिया है। अनिल पर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर रहते हुए 16.57 लाख रुपये की छात्रवृत्ति में गड़बड़ी का आरोप है। पुलिस ने मंगलवार को उसे यहां न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेज दिया है।
मामले की विवेचना कर रहे एसएसआई प्रदीप सिंह नेगी ने बताया कि गत 3 मार्च को एसआईटी पौड़ी की जांच के बाद कोटद्वार में सीवी रमन इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर अनिल परिहार हाल निवासी सत्तीचौड़ कोटद्वार और बिचौलिया बृजपाल सिंह निवासी ग्राम टांडा हसनगढ़ थाना भगवानपुर जनपद हरिद्वार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। तब बिचौलिया बृजपाल सिंह उक्त संस्थान में ही अध्ययनरत था।
विवेचना में 16.57 लाख रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने का मामला सामने आया है। बताया कि दूसरे आरोपी बृजपाल सिंह ने उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश ले लिया है। मुख्य आरोपी अनिल परिहार को उसके सत्तीचौड़ स्थित आवास से सोमवार देर शाम गिरफ्तार किया गया। एसएसआई प्रदीप नेगी ने बताया कि मुख्य आरोपी अनिल परिहार मूल रूप से ऋषिकेश एक्सटेंशन, थाना माधव नगर, जिला उज्जैन मध्य प्रदेश का निवासी है। वर्तमान में वह कोटद्वार के सत्तीचौड़ में एक निजी आईटीआई संस्थान संचालित कर रहा है।
एसआईटी जांच के बाद पकड़ में आया था मामला
हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग को छात्रवृत्ति में बरती गई अनियमितताओं की जांच के लिए एसएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था।
छात्रवृत्ति घोटाला मामले में एसआईटी टीम ने जिले के 34 उच्च शिक्षण संस्थानों की जांच की, जिसमें कोटद्वार क्षेत्र के पदमपुर सुखरो में वर्ष 2004-12 तक संचालित सीवी रमन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में छात्रवृत्ति घोटाला प्रकाश में आया। एसआईटी जांच में यह बात सामने आई थी कि इंस्टीट्यूट में छात्रवृत्ति के 12 लाख हड़पकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। विवेचना में घोटाले की धनराशि बढ़कर 16.57 लाख रुपये तक पहुंच गई।