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उत्तराखंड: 30 वर्ग मीटर से छोटे प्लॉट पर भी बन सकेंगे आवासीय भवन, शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव
Sat, 07 Aug 2021 03:36 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
अनिल चन्दोला, अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 07 Aug 2021 03:36 PM IST
सार
प्रदेश में अभी 30 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से छोटे प्लॉट पर आवासीय नक्शा पास नहीं हो सकता। इससे छोटे प्लॉट पर मकान बनाने की इच्छा रखने वाले लोगों को परेशान होना पड़ता है।
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विस्तार
प्रदेश में जल्द ही 30 वर्ग मीटर से छोटे प्लॉट पर भी आवासीय भवन बन सकेंगे। विकास प्राधिकरणों में छोटे प्लॉटों पर भी आवासीय नक्शे पास किए जा सकेंगे। इसको लेकर एमडीडीए में परीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। अनुमति के लिए शासन को इसका प्रस्ताव भेजा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, सरकार के स्तर से प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में शासन स्तर पर इस पर तुरंत फैसला होने की संभावना है।
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प्रदेश में अभी 30 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से छोटे प्लॉट पर आवासीय नक्शा पास नहीं हो सकता। इससे छोटे प्लॉट पर मकान बनाने की इच्छा रखने वाले लोगों को परेशान होना पड़ता है। सभी जगह आवासीय जमीन तेजी से घट रही है। दूसरी ओर जमीन के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। इससे बड़ा प्लॉट खरीद पाना हर किसी के लिए संभव नहीं रह गया है। ऐसे में लोग छोटे-छोटे प्लॉट खरीद रहे हैं, लेकिन मौजूदा बिल्डिंग बायलॉज के प्रावधानों के अनुसार इस पर वैध निर्माण नहीं किया जा सकता। लोगों की इस दिक्कत को देखते हुए न्यूनतम प्लॉट साइज में कमी करने की तैयारी चल रही है। एमडीडीए के विशेषज्ञों की टीम इसका परीक्षण कर रही है। जल्द ही परीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर प्रस्ताव के साथ शासन को भेजी जाएगी।
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पहाड़ी इलाकों में ज्यादातर छोटे प्लॉट
जमीनों का सबसे ज्यादा संकट पहाड़ी इलाकों में है, जहां ज्यादातर छोटे प्लॉट हैं। ऊबड़-खाबड़ और ढलान वाले इलाकों में मकान के लिए बड़ा प्लॉट ढूंढना या तैयार कर पाना खासा मुश्किल होता है। ऐसे में वहां लोग बिना नक्शा पास कराए ही निर्माण कर रहे हैं। हालांकि, क्षेत्रफल कम होने पर लोग वैध निर्माण कर सकेंगे।
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सेट बैक की दिक्कतें बन रही कारण
छोटे प्लॉट पर नक्शा पास इसलिए नहीं हो सकता, क्योंकि वहां सेट बैक (खाली जगह) नहीं छोड़ी जा सकती। बिल्डिंग बायलॉज के प्रावधानों के अनुसार भवन निर्माण के दौरान फ्रंट और बैक सेट बैक छोड़ना अनिवार्य है। छोटे प्लॉट में तीन साइड सेट बैक छोड़े बिना निर्माण किए जा सकते हैं। हालांकि वहां भी फ्रंट सेट बैक और रोड बाइंडिंग छोड़ने की अनिवार्यता है। ऐसे में प्लॉट का बड़ा हिस्सा छूट जाता है। इसको देखते हुए ही न्यूनतम क्षेत्रफल में कमी की जा रही है।
इस फैसले से प्रदेश के लाखों लोगों को फायदा मिलेगा। जिन लोगों के पास छोटा प्लॉट है, वो भी अपना आवासीय भवन बनवा सकेंगे। हम इसका परीक्षण कर प्रस्ताव शासन को भेजेंगे।
- बृजेश कुमार संत, उपाध्यक्ष, एमडीडीए