फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand News Preparations to start the old route of Kedarnath Dham from Garud Chatti

Uttarakhand: गरुड़चट्टी से केदारनाथ धाम के पुराने मार्ग को शुरू करने की तैयारी, निर्माण कार्य में जुटा लोनिवि

Thu, 28 Nov 2024 11:07 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 28 Nov 2024 11:07 PM IST
सार

वर्तमान में गौरी कुंड- भीमबली- लिंचोली होते हुए श्रद्धालु केदारनाथ धाम जा रहे हैं। अब लोनिवि गरुड़चट्टी से मंदिर के लिए एक और मार्ग को तैयार करने में जुटा है। यह पुराना मार्ग है जो कि वर्ष-2013 में आई आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था।

विज्ञापन
Uttarakhand News Preparations to start the old route of Kedarnath Dham from Garud Chatti
केदारनाथ पैदल मार्ग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोक निर्माण विभाग केदारनाथ मंदिर के लिए पुराने गरुड़चट्टी से केदारनाथ मंदिर जाने वाले मार्ग को तैयार करने में जुटा है। अगर यह मार्ग तैयार हो जाता है तो मंदिर जाने के लिए एक और मार्ग का विकल्प होगा। यह मार्ग करीब एक किमी छोटा भी होगा।

विज्ञापन


वर्तमान में गौरी कुंड- भीमबली- लिंचोली होते हुए श्रद्धालु केदारनाथ धाम जा रहे हैं। अब लोनिवि गरुड़चट्टी से मंदिर के लिए एक और मार्ग को तैयार करने में जुटा है। यह पुराना मार्ग है जो कि वर्ष-2013 में आई आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था। लोनिवि अधिकारियों के अनुसार पुराने मार्ग के तहत करीब पांच साल पहले भीमबली से गरुड़चट्टी तक के मार्ग को ठीक कर लिया गया था, अब गरुड़चट्टी से मंदिर तक करीब आठ किमी मार्ग बनाने का काम चल रहा है।
विज्ञापन


यहां पर पहाड़ी को काटकर करीब तीन मीटर चौड़ाई में मार्ग को बनाने को लेकर काम किया जा रहा है। यह मार्ग मंदिर के पास पुराने मंदाकिनी के पास पुल पर जुड़ जाएगा। यह मार्ग वर्तमान मार्ग है, उसकी तुलना में एक किमी छोटा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


अमर उजाला कॉन्क्लेव: चार सत्रों में हुआ मंथन, महाकुंभ का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक पहलू समझा गए विशेषज्ञ

केदारनाथ का पुराना मार्ग था, उसे शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। इस मार्ग के तैयार होने से केदारनाथ मंदिर जाने के लिए एक और मार्ग का विकल्प मिल जाएगा। इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी। यह मार्ग तुलनात्मक तौर पर छोटा होगा, इससे स्थानीय लोगों को समान ढुलाई के काम में भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा जिस मार्ग से अभी यात्रा चल रही थी, वह आपदा में क्षतिग्रस्त हुआ था, उसे भी पुराने स्वरूप में लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर भी कार्य चल रहा है। जब तक बर्फ नहीं गिरती है, निर्माण कार्य चलेगा।
- मुकेश परमार, अधीक्षण अभियंता नवंम वृत्त, लोनिवि

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed