अमर उजाला कॉन्क्लेव: चार सत्रों में हुआ मंथन, महाकुंभ का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक पहलू समझा गए विशेषज्ञ
Amar Ujala Maha Kumbh Conclave 2025: महाकुंभ कॉन्क्लेव में चार विशेष सत्र आयोजित किए गए। जिसमें विशेषज्ञों ने बेबाकी से सभी सवालों के जवाब दिए।
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होने जा रहा महाकुंभ न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक, पारंपरिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी अद्वितीय है। यूपी के पर्यटन विभाग ने इस आयोजन को और भी विशेष और भव्य बनाने के लिए महाकुंभ कॉन्क्लेव 2025 की योजना बनाई है।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला और यूपी पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुए कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने महाकुंभ का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। सहारनपुर रोड स्थित होटल में आयोजित हुए महाकुंभ कॉन्क्लेव में चार विशेष सत्र आयोजित किए गए।
पहले सत्र में पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, डीएवी पीजी कॉलेज के प्रो. डॉ. राम विनय सिंह ने धार्मिक व आर्थिक पहलुओं के साथ वैज्ञानिक पक्ष पर खुलकर बात की।
दूसरे सत्र में महामंडलेश्वर हरिचेतानंद गिरी, निरंजनी अखाड़ा के महंत स्वामी दर्शन भारती, श्रीपंचायत अखाड़ा के महंत गोविंद दास महाराज, श्रीगंगासभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, युवा पुरोहित समाज के अध्यक्ष उज्ज्वल पंडित और आचार्य पतंजलि योग पीठ स्वामी आर्षदेव ने महाकुंभ को पौराणिक कथाओं के प्रसंगों के साथ जोड़ते हुए धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को बारीकी से बताया।
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वहीं, तीसरे सत्र में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने सरकार का पक्ष रखते हुए महाकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को बताया। चौथे सत्र में महाकुंभ की महत्ता, दिव्यता और देश की अर्थव्यवस्था पर इसके पड़ने वाले प्रभाव को मंथन हुआ। जिस पर सुशील गुप्ता, संस्थापक, ट्रैवल पैराडाइज हॉलीडेज, राजीव वर्मा, एमडी कंफर्ट टूर एंड ट्रैवल्स और विकास कुमार, एमडी ट्रैवल पैराडाइज ने अमर उजाला के सवालों के जवाब दिए।
ये रहे मौजूद
विधायक सविता कपूर, समय साक्ष्य की संस्थापक रानू बिष्ट, आचार्य डॉ. सुशांत राज, दिगंबर रवि गिरी, ओबीसी आयोग के पूर्व अध्यक्ष अशोक वर्मा, अधिवक्ता शिवा वर्मा, बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल, दून अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज सारस्वत, संस्कृति परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट, बदरीनाथ मंदिर के वेद पाठी आचार्य रविंद्र भट्ट, उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती, यमुनोत्री धाम के रावल अनिरुद्ध उनियाल, डॉ. माधव मैथानी, ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित समिति के अध्यक्ष उमानंद, सपा नेता डॉ. एसएन सचान, कर्मचारी नेता अरुणा पांडेय, पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन से जुड़े जीतमणि पैन्यूली, नैना भारद्वाज, सीताराम पोखरियाल, आचार्य विपिन जोशी, प्रवीण गुप्ता, निरंजपुर मंडी के सचिव अजय डबराल आदि।