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उत्तराखंड : परवान चढ़ने लगी पिरुल से बिजली बनाने की योजना, अब तक आठ पावर प्रोजेक्ट हुए शुरू
Wed, 25 Nov 2020 12:58 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 25 Nov 2020 12:58 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
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प्रदेश में पिरुल से बिजली बनाने की योजना अब परवान चढ़ने लगी है। उत्तराखंड रिनिवेबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी(उरेडा) की इस योजना के तहत लगातार आवेदनों की संख्या बढ़ रही है।
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पिरूल से बिजली का उत्पादन शुरू हो चुका है। इस योजना के तहत एक, 10, 25 किलोवाट क्षमता का सिस्टम लगाया जा सकता है। उरेडा ने पिरुल नीति के तहत पिरुल उद्योग लगाने वालों के लिए 31 जुलाई तक आवेदन मांगें थे। जिसके तहत उत्पादित बिजली को यूपीसीएल खरीदेगा।
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एक यूनिट का पैसा लेवलाइज टैरिफ के हिसाब से 7.54 रुपये तक संबंधित सिस्टम लगाने वाले को मिल सकेगा। सिस्टम लगाने के इच्छुक लोगों को 10.50 लाख रुपये की धनराशि उपक्रम लगाने को व्यय करनी होगी। 25 किलोवाट तक के सिस्टम लगाने पर 4.50 लाख रुपये भारत सरकार और 10 लाख रुपये केंद्र सरकार से अनुदान भी मिलेगा।
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उरेडा के मुख्य परियोजना अधिकारी एके त्यागी ने बताया कि अभी तक प्रदेश में आठ प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 25 और प्रोजेक्ट आने वाले हैं जबकि 38 का आवंटन जल्द ही कर दिया जाएगा।
इसके तहत चीड़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के लिए स्वरोजगार की राह खुल रही है। एक प्रोजेक्ट में कम से कम छह लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही चीड़ के पिरुल एकत्र करने का अलग कमाई का जरिया बन रहा है।