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एक्सक्लूसिव: जागरूकता की बड़ी कमी से हर महीने हजारों पीएफ क्लेम हो रहे निरस्त
Wed, 23 Dec 2020 02:10 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
गौरव ममगाईं, अमर उजाला, देहरादून
गौरव ममगाईं, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 23 Dec 2020 02:10 PM IST
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- फोटो : pixabay
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किसी भी कर्मचारी के लिए सेवाकाल पूरा होने के बाद ईपीएफ (भविष्य कर्मचारी निधि) ही आखिरी सहारा होता है। मगर, जरूरत के समय इस जमा पूंजी को पाने के लिए लोगों में जागरूकता की बड़ी कमी नजर आ रही है। जानकर ताज्जुब होगा कि हर महीने हजारों की संख्या में पीएफ क्लेम गलत या अधूरी जानकारी भरने के चलते निरस्त हो रहे हैं। इनका औसत करीब 22 प्रतिशत तक दर्ज किया है।
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पिछले चार महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब 46 हजार 216 क्लेम निरस्त किए गए हैं। इसमें सितंबर महीने में सर्वाधिक 14 हजार 119 क्लेम रहे। आवेदन निरस्त होने के बाद सेवानिवृत्त कर्मी कई महीनों तक पीएफ व पेंशन के लाभ से वंचित रहते हैं। विभाग के अनुसार आवेदन करने वालों में करीब 60 से 70 प्रतिशत लोगों में जानकारी का अभाव रहता है। वे संस्था के माध्यम से क्लेम करवाते हैं।
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इस दौरान गलत या अधूरी जानकारी भर रहे हैं। अधिकांश केस में यह भी देखा जाता है कि पहली बार में संस्था द्वारा क्लेम में मदद की जाती है, लेकिन एक बार निरस्त होने के बाद संस्था के कर्मी पल्ला झाड़ते नजर आते हैं। सही मार्गदर्शन न मिलने के कारण लोग भटकते हैं। इसे लेकर ईपीएफ कार्यालय ने भी लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी किसी भी वक्त मदद ले सकते हैं।
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माह, रिजेक्ट क्लेमों का प्रतिशत, रिजेक्ट क्लेम संख्या
अगस्त, 20.85, 7,985
सितंबर, 25.25, 14,119
अक्तूबर, 23.58, 13,480
नवंबर, 22.08, 10, 632
क्लेम का प्रकार, मुख्य सुझाव
1. डेथ क्लेम : फॉर्म-2 में नॉमिनेशन संबंधी जानकारी भरें। परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी भी डालें।
2. पेंशन क्लेम :
- मृत्यु के दिन से अगले समय तक सभी पैसा रिफंड करना अनिवार्य। लेकिन, कई लोग कुछ दिनों की राशि नहीं लौटाते। जिससे प्रक्रिया बाधित होती है।
- पति-पत्नी की ज्वाइंट तीन फोटो अनिवार्य रूप से दें।
3. बैंक संबंध ी: पेंशन क्लेम से जुड़े लोगों का एसबीआई या पीएनबी में बैंक खाता अवश्य होना चाहिए, क्योंकि ईपीएफ कार्यालय पेंशन सिर्फ इन्हीं दो बैंकों में भेजता है। हालांकि, पीएफ किसी भी बैंक खाते में लिया जा सकता है।
4. एडवांस चेक : एडवांस चेक की स्थिति में चेक ऑरिजनल लगाएं। फोटोकॉपी लगाने पर क्लेम निरस्त होते हैं।
5. पीएफ फाइल सेटलमेंट :
- पीएफ निकालने पर अगली बार नया पीएफ नंबर अवश्य लें। जानकारी न होने के कारण लोग दोबारा पुराना पीएफ नंबर इस्तेमाल करते हैं।
- आवेदन करने से पहले डेट ऑफ एग्जिट को अवश्य जांच लें।
6. ऑल क्लेम : अन्य क्लेम में माता-पिता, पति-पत्नी के नाम व पहचान में अंतर आने के कारण भी आवेदन निरस्त होते हैं। आवेदन करने से पहले ये सब जांच लें।
ईपीएफ कार्यालय का लक्ष्य हर क्लेम को 7 दिन के भीतर निपटाना है, लेकिन कई लोगों के क्लेम गलत या अधूरी जानकारी के कारण निरस्त हो रहे हैं। इनकी संख्या काफी अधिक है। विभाग ने ऐसे लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई मंच दिए हैं। यहां लोगों को आवश्यक जानकारी दी जाती है। कार्यालय में आने वाले लोगों की भी अधिकारी व कर्मचारी समस्या सुनते हैं। उन्हें आवश्यक परामर्श देते हैं।
-मनोज कुमार यादव, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ उत्तराखंड
केस नंबर 1: राजपुर रोड निवासी सीताराम ने कहा कि वह वर्ष 2019 में सिडकुल स्थित एक कंपनी से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने पीएफ व पेंशन के लिए क्लेम किया था, लेकिन गलत बैंक खाता होने के कारण आवेदन निरस्त हो गया। कई बार कंपनी में गया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। अब ईपीएफ कार्यालय जाकर मदद लेंगे।
केस नंबर 2: डोईवाला निवासी राकेश सिंह चौहान ने कहा कि फरवरी 2020 में वह सेलाकुई स्थित एक कंपनी से सेवामुक्त हुए। उन्होंने कंपनी की मदद से पीएफ व पेंशन क्लेम कराया। पत्नी का नाम गलत होने के कारण क्लेम निरस्त हो गया। इसके बाद कई बार कंपनी के कर्मियों ने मदद नहीं की। जून में दो बार ईपीएफ कार्यालय भी गया, लेकिन कोरोनाकाल के कारण अधिकारी-कर्मचारी से मिल नहीं सका।
यहां मिलेगी मदद
व्हाट्सअप नंबर- 6395731375
टेलीफोन - 0135-2620106
फेसबुक पेज - @epforodehradun
ट्विटर हैंडल - @EPFODEHRADUN
EPFiGMS PORTAL - www.epfigms.gov.in
वेबसाइट - www.epfindia.gov.in