Uttarakhand: एनडीएम ने की बैठक, हीट वेव एक्शन प्लान बनाने और नोडल अधिकारी तैनात करने के दिए निर्देश
बैठक में एनडीएमए के अधिकारियों ने गर्मी को देखते हुए स्कूलों के समय आदि में परिवर्तन करने की सलाह दी। इसके अलावा अधिकारियों ने सभी राज्यों को हीट वेव एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए।
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के साथ बैठक कर हीट वेव से प्रभावी तरीके से निपटने की रणनीति पर चर्चा की। इसमें विभिन्न राज्यों में हीट वेव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा भी की गई। बैठक में राज्यों को हीट वेव एक्शन प्लान बनाने और हीट नोडल अधिकारी तैनात करने का निर्देश दिया।
बैठक में आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ.नरेश कुमार ने कहा कि इस साल पिछले साल की तुलना में अधिक तापमान रहने की संभावना है। हीट सीजन की घोषणा कर दी गई है। मार्च, अप्रैल और मई में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। इसके साथ ही हीट वेव के दिन भी अधिक रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। इस साल पिछले साल की तुलना में अधिक गर्मी पड़ने का अनुमान है, इसलिए सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
बैठक में एनडीएमए के अधिकारियों ने गर्मी को देखते हुए स्कूलों के समय आदि में परिवर्तन करने की सलाह दी। इसके अलावा अधिकारियों ने सभी राज्यों को हीट वेव एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के अपर निदेशक डॉ.आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि हीट वेव को देखते हुए सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर दी गई है। उन्होंने हर राज्य से एक हीट नोडल ऑफिसर की तैनाती करने को कहा।
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बैठक में अस्पतालों में अलग से एक हीट स्ट्रोक रूम बनाने तथा एंबुलेंस में भी हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एनडीएमए मुख्यालय से ऑनलाइन संचालित बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के साथ ही यूएसडीएमए के एसीईओ प्रशासन आनंद स्वरूप, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी आदि शामिल हुए।
जनपदों को जल्द से जल्द डीडीएमपी बनाने के दिए निर्देश
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने जिला आपदा प्रबंधन योजना तथा राज्य आपदा प्रबंधन योजना बनाए जाने की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने डीडीएमपी तथा एसडीएमपी बनाए जाने को लेकर सभी जनपदों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को जरूरी सुझाव दिए और जल्द से जल्द इन्हें पूरा करने को कहा। एसीईओ प्रशासन आनंद स्वरूप ने सभी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों को सुरंगों के लिए बनाई जा रही मानक परिचालन प्रक्रिया के लिए सुझाव उपलब्ध कराने व विभिन्न बांधों, बड़ी परियोजनाओं तथा संरचनाओं के लिए क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।