उत्तराखंड: आगरा फोर्ट एक्सप्रेस की चपेट में आने से हथिनी और बच्चे की मौत, गुस्साए हाथियों के झुंड ने रोकी ट्रेन
ट्रेन के आगे हाथी का छह महीने का बच्चा आ गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। बच्चे को बचाने के लिए आगे आई हथिनी भी ट्रेन की चपेट आ गई और उसने भी दम तोड़ दिया।
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उत्तराखंड के कुमाऊं में तराई केंद्रीय वन प्रभाग के पीपलपड़ाव रेंज के जंगल से होकर रामनगर जा रही आगरा फोर्ट एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से हथिनी और उसके बच्चे की मौत हो गई। इससे गुस्साए हाथियों के झुंड ने करीब आधे घंटे तक ट्रेन का रास्ता रोके रखा।
इस दौरान यात्रियों की सांसें थमी रहीं। लोको पायलट को ट्रेन पांच किलोमीटर पीछे की ओर दौड़ानी पड़ी। इसके बाद यात्रियों को टांडा बैरियर पर उतार दिया गया। वन विभाग ने लोको पायलट के खिलाफ वन्यजीव अपराध अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद हथिनी और उसके बच्चे के शव दफना दिए गए।
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बुधवार सुबह आगरा फोर्ट एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 05055 लालकुआं रेलवे स्टेशन से 65 यात्रियों को लेकर रामनगर के लिए रवाना हुई। सुबह 5:25 बजे ट्रेन तराई केंद्रीय वन प्रभाग के पीपलपड़ाव रेंज स्थित भूराखत्ता पहुंची। इसी दौरान ट्रेन के आगे हाथी का छह महीने का बच्चा आ गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। बच्चे को बचाने के लिए आगे आई हथिनी भी ट्रेन की चपेट आ गई और उसने भी दम तोड़ दिया।
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इससे हाथियों का झुंड आक्रामक हो गया। वे ट्रेन के आगे खड़े हो गए। इस पर लोको पायलट ने ट्रेन रोक दी। इस दौरान ट्रेन में सवार 65 यात्रियों में दहशत फैल गई। आधे घंटे तक हाथियों का झुंड ट्रेन का रास्ता रोके खड़ा रहा। लोको पायलट ने ट्रेन उल्टी दौड़ा कर टांडा बैरियर पर सभी यात्रियों को उतार दिया। इसके बाद वे दूसरे वाहनों से गंतव्य के लिए रवाना हुए। एसडीएम ध्रुव मर्तोलिया ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। लोको पायलट की लापरवाही से हाथी और उसके बच्चे की जान गई है। अज्ञात चालक के खिलाफ वन्य जीव अपराध अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
दिन में 50 तो रात को 30 किमी प्रति घंटा से दौड़ेंगी ट्रेनें
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के पीपलपड़ाव रेंज में हथिनी और उसके बच्चे की मौत के बाद रेलवे प्रशासन की नींद टूटी। हाथियों की मौत के कुछ घंटे बाद ही ट्रेनों की रफ्तार धीमी करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
अब रुद्रपुर-काशीपुर रेलवे लाइन पर दिन में ट्रेन 50 और रात को 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। रुद्रपुर से काशीपुर और रामनगर को जोड़ रही रेल लाइन वन्यजीवों के लिहाज से अहम है। टांडा रेंज और पीपलपड़ाव रेंज में एलिफेंट कॉरिडोर होने से हाथियों का ट्रेन से टकराने का खतरा बना रहता है। बुधवार को हथिनी और उसके बच्चे की मौत ट्रेन से टकराकर हुई।
हादसे के कुछ घंटे बाद ही पूर्वोत्तर रेलवे बरेली के अधिकारियों ने ट्रेन की गति धीमी करने के आदेश जारी कर दिए। काशीपुर स्टेशन अधीक्षक एसएस ढंगरियाल ने बताया कि अब काशीपुर-रुद्रपुर रेलवे लाइन पर दिन में रफ्तार 50 और रात में 30 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।