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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand News: 45-year old Tusker Elephant dies due to stomach burst in mutual conflict in Kotdwar

कोटद्वार: जंगल में जानवरों का 'दंगल', संघर्ष में पेट फटने से 45 साल के हाथी की मौत

Fri, 16 Jul 2021 12:40 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 16 Jul 2021 12:40 PM IST
सार

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को लालपानी बीट में दो हाथियों के बीच संघर्ष हो गया। सूचना पर वन कर्मियों की टीम को मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक संघर्ष समाप्त हो गया था।

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Uttarakhand News: 45-year old Tusker Elephant dies due to stomach burst in mutual conflict in Kotdwar
आपसी संघर्ष में हाथी की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोटद्वार में लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज के अंतर्गत लालपानी बीट में दो हाथियों के बीच हुए आपसी संघर्ष में एक टस्कर हाथी की मौत हो गई। वन विभाग ने हाथी का पोस्टमार्टम कराकर उसे दफना दिया है। 

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वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को लालपानी बीट में दो हाथियों के बीच संघर्ष हो गया। सूचना पर वन कर्मियों की टीम को मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक संघर्ष समाप्त हो गया था। वन कर्मियों ने एक विशालकाय टस्कर हाथी को घायल अवस्था में झुंड के बीच देखा और उसको फॉलो करने लगे। देर शाम को घायल हाथी बहेड़ास्रोत के पास जमीन पर बैठ गया। इसके बाद अन्य हाथी वहां से चले गए।
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बुधवार सुबह हाथी लालपानी बीट कक्ष संख्या एक पर जमीन पर पड़ा देखा गया। काफी देर तक वन कर्मी उसे देखते रहे। जब उसके शरीर पर कोई हलचल नहीं दिखी तो उसके नजदीक जाने पर उसके मृत होने का पता चला। कर्मचारियों ने इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी। टस्कर हाथी के जंगल में मरने की सूचना मिलते ही डीएफओ समेत सभी अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
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उन्होंने चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर से पशु चिकित्सक अमित ध्यानी और पशु चिकित्सक कोटद्वार डॉ. बीएम गुप्ता को पोस्टमार्टम के लिए मौके पर बुलाया। लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ दीपक कुमार सिंह ने बताया कि आपसी संघर्ष में एक 45 वर्षीय नर हाथी का पेट फटने के कारण मौत हुई है। पोस्टमार्टम में हाथी के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। पोस्टर्माटम के बाद हाथी को दफना दिया गया है।

तमिंड गांव में मृत मिला गुलदार

अगस्त्यमुनि ब्लॉक के तमिंड गांव में पानी के टैंक से लगे खेत में एक गुलदार मृत मिला। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर मृत गुलदार का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। प्रारंभिक जांच में दो गुलदारों के आपसी संघर्ष में यह घटना होने की संभावना जताई गई है। 

बुधवार को तमिंड गांव में पानी के टैंक से लगे खेत में गुलदार मृत मिला। ग्रामीणों की सूचना पर डीएफओ वैभव कुमार फोर्स समेत मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से पूरी जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों ने डीएफओ को बताया कि 12 जुलाई को गुलदार ने गांव के दो बच्चों पर झपट्टा मारने का प्रयास किया था। ग्राम प्रधान ने इस संबंध में विभाग को सूचना दे दी थी।

डीएफओ ने संभावना जताई कि दो गुलदारों के आपसी संघर्ष में एक की मौत हो गई है। मृत गुलदार नर है, जिसकी उम्र लगभग आठ वर्ष है। दोपहर बाद गुलदार के शव को रेंज कार्यालय अगस्त्यमुनि लाया गया है। वहां पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके बाद शव को नष्ट कर दिया जाएगा। मौके पर रेंजर वाईएस चौहान समेत अन्य वन कर्मी मौजूद थे। 

तीन वर्ष में मर चुके 12 गुलदार 
बीते तीन वर्षों में रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अंतर्गत 12 गुलदारों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2019-20 में 5, 2020-21 में 6 और 2021-22 में अब तक एक गुलदार की मौत हो चुकी है। मृत गुलदारों की उम्र ढाई वर्ष से आठ वर्ष है। अधिकारियों के अनुसार जांच में मौत का कारण निमोनिया होना, तार में फंसना व आपसी संघर्ष पाया गया है। 

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