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उत्तराखंड: 100 साल बाद हिमाचल रवाना होंगे महासू महाराज, एक वर्ष तक खशधार में प्रवास करेगी देवता की डोली
Sun, 20 Nov 2022 08:15 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, पुरोला
संवाद न्यूज एजेंसी, पुरोला
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 20 Nov 2022 08:15 PM IST
सार
डोली 28 नवंबर को हिमाचल प्रदेश के खशधार पहुंचेगी। शेड़कुड़िया महासू महाराज समिति की ओर यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शेड़कुड़िया महासू महाराज मोरी ब्लॉक के गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र के फतेपर्वत पट्टी के आराध्य देव हैं।
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शेड़कुड़िया महासू महाराज की डोली
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुरोला विकासखंड मोरी के फतेपर्वत पट्टी के इष्टदेव शेड़कुड़िया महासू महाराज 100 वर्ष बाद हिमाचल प्रदेश की प्रवास यात्रा पर रवाना होंगे। यहां देवता एक वर्ष प्रवास पर रहेंगे। 25 नवंबर को देव डोली व पश्वा की पैदल प्रवास यात्रा फतेपर्वत के देवलपट्टा से प्रस्थान करेगी।
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डोली 28 नवंबर को हिमाचल प्रदेश के खशधार पहुंचेगी। शेड़कुड़िया महासू महाराज समिति की ओर यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शेड़कुड़िया महासू महाराज मोरी ब्लॉक के गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र के फतेपर्वत पट्टी के आराध्य देव हैं।
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25 नवंबर को हनोल महासू मंदिर देहरादून में रात्रि विश्राम, 26 नवंबर को आराकोट उत्तरकाशी में रात्रि विश्राम, 27 नवंबर को हाटकोटी मंदिर हिमाचल प्रदेश में रात्रि विश्राम होगा। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रोजी सिंह व रणदेव कुंवर ने बताया कि यात्रा के दौरान फतेपर्वत, मोरी, बंगाण, जौनसार बावर देहरादून सहित हिमाचल प्रदेश के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे। समिति ने यात्रा सुचारु बनाए रखने के लिए डीएम उत्तरकाशी, देहरादून तथा शिमला से सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की मांग की है।
शेड़कुड़िया महासू महाराज फतेपर्वत पट्टी के आराध्य देव के पांच थोक हैं। हिमाचल प्रदेश के एक वर्ष के प्रवास पर जाने के बाद यहां देवता के छह थोक बन गए हैं। प्रत्येक थोक में देवता की डोली छह वर्ष बाद प्रवास करेगी।
- रणदेव कुंवर, अध्यक्ष शेड़कुड़िया महासू महाराज समिति।
100 वर्ष बाद हिमाचल प्रदेश की प्रवास पैदल यात्रा हो रही है। इससे पूर्व यह यात्रा 1921 में आयोजित की गई थी। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
- रोजी सिंह सौंदाण, पूर्व जिला पंचायत सदस्य दोणी।