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एक्सक्लूसिव : देहरादून नगर निगम में नए जुड़े क्षेत्रों में कृषि से आवासीय होगा लैंड यूज
Thu, 24 Dec 2020 03:23 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
अनिल चन्दोला/मनीष भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला/मनीष भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 24 Dec 2020 03:23 PM IST
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देहरादून नगर निगम
- फोटो : File Photo
देहरादून नगर निगम से नए जुड़े क्षेत्रों में जमीनों का लैंड यूज कृषि से आवासीय होगा। इससे लोग खेती की जमीन पर भी घर बना सकेंगे। इस जमीन पर एमडीडीए घर का नक्शा पास कर सकेगा। साथ ही लोन इत्यादि के लिए भी यह संपत्ति वैध होगी। इस फैसले से उन हजारों लोगों को राहत मिलेगी, जिन्होंने कृषि लैंड यूज वाली भूमि पर मकान बनाए हैं या भविष्य में बनाने की योजना है।
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नगर निगम परिक्षेत्र में करीब 40 वार्ड नए जुड़े हैं। इनमें से ज्यादातर शहर के बाहरी इलाके हैं, जहां अभी बड़े पैमाने पर कृषि भूमि है। इसमें से ज्यादातर में लैंड यूज एग्रीकल्चर और फॉरेस्ट है। हालांकि इन इलाकों में बड़ी तादाद में आवासीय और व्यावसायिक भवन हैं। अभी 75 वर्ग मीटर तक कृषि लैंड यूज वाली भूमि पर मकान बनाया जा सकता है। पिछले कुछ समय से एमडीडीए ऐसे भवनों के खिलाफ नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई कर रहा है।
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जिन लोगों ने कृषि लैंड यूज वाली भूमि पर भवन बनाए हैं, नियमानुसार उनकी कंपाउंडिंग भी नहीं कराई जा सकती है। मौजूदा प्रावधानों के अनुसार कृषि और फॉरेस्ट लैंड यूज पर भवन का नक्शा पास नहीं हो सकता। बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आने के बाद नगर निगम ने कृषि भूमि का लैंड यूज आवासीय में परिवर्तित करने का प्रस्ताव दिया है। हजारों लोगों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी इसे सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे चुके हैं। इस प्रस्ताव को अगली कैबिनेट में रखा जा सकता है।
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जिदंगी भर की कमाई फंसी
शहर के बाहरी क्षेत्रों में ज्यादातर लोगों ने बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण किया है। एमडीडीए में आने के बाद अब इन क्षेत्रों में नक्शा पास कराना अनिवार्य हो गया है। ऐसे में कई लोग, जो सस्ते के लालच में एग्रीकल्चर या फॉरेस्ट लैंड ले रहे हैं, उन्हें नक्शा पास कराने में दिक्कत होगी। ऐसे कई मामले एमडीडीए और नगर निगम के पास पहुंच रहे हैं, जहां लोगों ने अपनी जिंदगी भर की कमाई जमीन खरीदने पर लगा दी। हालांकि जब वे नक्शा पास कराने पहुंचे तो पता चला कि जमीन पर बना मकान पूरी तरह अवैध है।
इन बातों का रखें ध्यान
-केवल एमडीडीए से अप्रूव्ड कॉलोनी और परियोजना में ही मकान खरीदें।
-कम कीमत के लालच में कभी भी अनडेवलप्ड कॉलोनी में जमीन न खरीदें। यहां नक्शा पास कराने में बहुत ज्यादा पैसा लगता है।
-जमीन खरीदने से पहले उसका लैंड यूज जरूर जांच लें।
-जमीन के दाखिल-खारिज और अन्य दस्तावेजों की भी जांच करें।
जिन लोगों ने पहले कृषि भूमि पर मकान बनाए उन्हें भी एमडीडीए नोटिस भेज रहा है। वहां भवन का नक्शा पास नहीं हो सकता। इससे शहर के हजारों लोगों को परेशान होना पड़ेगा। इसलिए हमने लोगों को राहत देने के लिए लैंड यूज में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। लोगों को राहत मिले इसलिए मुख्यमंत्री ने भी इस पर सहमति दी है।
-सुनील उनियाल गामा, मेयर
कहीं भी जमीन खरीदने से पहले लोगों को दस्तावेजों की अच्छे से जांच जरूर करनी चाहिए। अनडेवल्प्ड और अन अप्रूव्ड कॉलोनियों में डेवलपमेंट और सब डिविजनल चार्ज के रूप में बड़ी धनराशि देनी होती है। लैंड यूज में बदलाव होने से लोग अपने भवनों के नक्शे पास करवा सकेंगे। पूर्व में बने मकान भी वैध हो सकेंगे।
- रणवीर चौहान, उपाध्यक्ष, एमडीडीए