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उत्तराखंड : कुमाऊंनी कवि और साहित्यकार मथुरा दत्त मठपाल का आज सुबह निधन
Sun, 09 May 2021 11:46 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रामनगर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रामनगर
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 09 May 2021 11:46 AM IST
सार
उनके बेटे नवेन्दु मठपाल ने बताया है कि आज सुबह 10 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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मथुरा दत्त मठपाल
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
कुमाऊंनी कवि, साहित्यकार मथुरा दत्त मठपाल का आज सुबह निधन हो गया है। उनके बेटे नवेन्दु मठपाल ने बताया है कि आज सुबह 10 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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29 जून 1941 को अल्मोड़ा जिले के नौला भिकियासैण में जन्मे मथुरा दत्त मठपाल ने शिक्षाविभाग से सेवानिवृति के उपरांत पंपापुरी स्थित आवास से वर्ष 2000 में 'दुदबोलि' नाम से कुमाऊंनी पत्रिका का प्रकाशन शुरू किया। दुदबोलि के 24 त्रैमासिक (64 पृष्ठ) अंक निकालने के बाद 2006 में इसे वार्षिक (340 पृष्ठ) किया गया।
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जिनमें लोक कथा, लोक साहित्य, कविता, हास्य, कहानी, निबंध, नाटक, अनुवाद, मुहावरे, शब्दावली व यात्रा वृतांत आदि को जगह दी जाती है। डाॅ. रमेश शाह, शेखर जोशी, ताराचंद्र त्रिपाठी, गोपाल भटट, पूरन जोशी, डाॅ. प्रयाग जोशी सरीखे 50 कवि व लेखक 'दुदबोलि' से जुड़े हैं।
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मथुरा दत्त मठपाल के स्वयं रचित पांच काव्य संकलन प्रकाशित हो चुके हैं। आजादी से पहले व बाद में भी कुमाऊंनी भाषा में सार्थक लेखन होने के साथ ही अनेक पत्रिकाएं प्रकाशित भी हुईं।
उनकी उपलब्धि व कार्य :
-1988 में उत्तरप्रदेश हिंदी संस्थान से सुमित्रा नंदन सम्मान
-2011 में उत्तराखंड भाषा संस्थान से डाॅ. गोविंद चातक सम्मान
-भाषा व साहित्य के क्षेत्र में किए कार्यों के चलते प्रदेश में कई शहरों में सम्मानित
-पांच कुमाऊंनी काव्य संकलन हो चुके प्रकाशित
-दुदबोलि के पहले 24 अंक फोटो स्टेट व स्क्रीन प्रिंटिग से छपवाए
-पत्रिका प्रकाशन में पेंशन का तीस फीसदी खर्च
-पत्रिका के संपादन से प्रकाशन व पाठकों का भेजने का कार्य स्वयं किया
-बंगला, गढ़वाली, नेपाली, गुजराती साहित्य का अनुवाद प्रकाशित
-प्रसिद्व कवि स्व. कृपालु दत्त जोशी की रचनाओं का खोजकर संकलन कर मूक गीत शीर्षक से प्रकाशित किया