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उत्तराखंड: लैंसडौन में डॉप्लर रडार लगाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने दी हरी झंडी

Wed, 24 Mar 2021 10:22 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 24 Mar 2021 10:22 PM IST
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Uttarakhand News: Defence Ministry Approves Weather doppler radar Installation in Lansdowne
उत्तराखंड में मौसम - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के लैंसडौन सेना छावनी क्षेत्र में डॉप्लर रडार लगाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने हरी झंडी दिखा दी है। राज्यसभा सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी रक्षा मंत्रालय से इस संबंध में लगातार प्रयास कर रहे थे। उनकी कोशिशें रंग लाई। रक्षा मंत्रालय ने रडार लगाने के लिए अनापत्ति (एनओसी) दे दी है।

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 बलूनी ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में प्रस्तावित तीन डॉप्लर रडार स्थापित होने हैं। इनमें सुरकंडा (टिहरी) और मुक्तेश्वर (नैनीताल) पर कार्य जारी है। किंतु चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी क्षेत्र के मौसम का पूर्वानुमान बताने वाले डॉप्लर रडार जिसे लैंसडाउन (पौड़ी) क्षेत्र में स्थापित होना था, लंबे समय से लंबित था।
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उन्होंने कहा कि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने डॉप्लर रडार की स्थापना के लिए सबसे प्रभावी लोकेशन सेना छावनी लैंसडाउन चयनित की थी। किंतु सेना के नियमों, प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों के कारण डॉप्लर रडार की स्थापना में विलंब हो रहा था।
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इस संबंध में उनका रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मंत्रालय के अधिकारियों से लगातार संवाद चल रहा था। रक्षा मंत्रालय ने अनापत्ति पत्र जारी करके बताया है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग को लीज पर भूमि प्रदान की गई है। शीघ्र ही उक्त स्थान पर डॉप्लर रडार की स्थापना होगी। सांसद बलूनी ने इस सहयोग के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार जताया।


बता दें कि डॉप्लर वेदर रडार से 400 किलोमीटर तक के क्षेत्र में होने वाले मौसमी बदलाव के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह रडार डॉप्लर इफेक्ट का इस्तेमाल कर अतिसूक्ष्म तरंगों को भी कैच कर लेता है। जब अतिसूक्ष्म तरंगें किसी भी वस्तु से टकराकर लौटती हैं तो यह रडार उसकी दिशा को आसानी से पहचान लेता है।

सांसद बलूनी के प्रयासों से उत्तराखंड को हाल ही में दो ट्रेनों पूर्णागिरी जनशताब्दी और सिद्धबली एक्सप्रेस की सौगात भी मिल चुकी है।

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