उत्तराखंड : देवस्थानम बोर्ड तीरथ सरकार के फैसले की सुब्रह्मण्यम स्वामी ने की तारीफ, बताया- हिंदुओं की बड़ी जीत
- कहा कि जल्द चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों की बैठक बुलाई जाएगी और सरकार उनके अधिकारों को छिनने नहीं देगी। शंकराचार्यों ने प्राचीन काल से जो व्यवस्था की है, उसी का पालन किया जाएगा।
विस्तार
देवस्थानम बोर्ड को लेकर हाईकोर्ट से झटका खाने के बाद मायूस हुए तीर्थ पुरोहितों को सरकार के ताजा रुख से राहत मिली है। शनिवार को भाजपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. सुब्रमणयम स्वामी ने भी देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार के सरकार के फैसले को सही कदम बताया है। इसके बाद तीर्थ पुरोहितों की ओर से भी सरकार का आभार जताने का सिलसिला शुरू हुआ।
Dr Subramanian Swamy on Uttarakhand Govt.'s decision to scrap CharDham Act - BIG VICTORY FOR HINDUS https://t.co/WnFpMCiBAf
— Subramanian Swamy (@Swamy39) April 9, 2021विज्ञापन
देवस्थानम बोर्ड के गठन के बाद से ही प्रदेश में सियासत गरमाई हुई है। चारों धामों के तीर्थ पुरोहित इसके विरोध में सड़कों पर उतरे हुए हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व वाली सरकार इस मामले को लेकर कोई समझौता करने को तैयार नहीं थी। इसी स्थिति के बीच भाजपा के राज्यसभा सदस्य और अधिवक्ता सुब्रमणयम स्वामी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। यहां स्वामी को सफलता नहीं मिल पाई और उनको सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। ऐसे में तीरथ सरकार के पुनर्विचार के फैसले के बाद स्वामी को भी बहुत हद तक राहत मिली है।
कांग्रेस ने कहा- पुनर्विचार नहीं, खत्म करें
तीर्थ पुरोहित भले ही राहत महसूस कर रहे हों लेकिन कांग्रेस सरकार के इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह कह चुके हैं कि कांग्रेस सत्ता में आई तो देवस्थानम बोर्ड भंग किया जाएगा। शनिवार को कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि सरकार अधिनियम को वापस ले और देवस्थानम बोर्ड भंग करे। पुनर्विचार करने का इरादा जता कर लोगों को बरगलाया न जाए।
उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड में शामिल 51 मंदिर होंगे मुक्त
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा है कि देवस्थानम बोर्ड पर प्रदेश सरकार पुनर्विचार करेगी। फिलहाल बोर्ड में शामिल 51 मंदिरों को मुक्त किया जाएगा। उन्होंने कुंभ क्षेत्र में शराब की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की भी घोषणा की है।
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मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को भूपतवाला स्थित अखंड परम धाम आश्रम में आयोजित विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जल्द चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों की बैठक बुलाई जाएगी और सरकार उनके अधिकारों को छिनने नहीं देगी।
शंकराचार्यों ने प्राचीन काल से जो व्यवस्था की है, उसी का पालन किया जाएगा। उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं होगी और न ही किसी के अधिकारों में कटौती होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में हुआ था बोर्ड का गठन
गौरतलब है कि देवस्थानम बोर्ड का गठन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में हुआ था। बोर्ड में चारों धाम समेत 55 मंदिर शामिल किए गए हैं। हरिद्वार से लेकर प्रदेशभर में हक-हकूकधारियों और तीर्थ पुरोहितों ने इसका विरोध किया था।
कुंभ क्षेत्र में शराब की दुकानें तत्काल बंद करने के निर्देश
वहीं, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने संतों की मांग पर कुंभ क्षेत्र को शराब मुक्त करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि कुंभ क्षेत्र में जहां कहीं भी शराब की दुकानें खुली हैं, उनको तत्काल बंद कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अखाड़ों के संतों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
अखाड़ों की मांग पर सभी को कुंभ छावनी के लिए भूमि आवंटित हो गई है। सरकार प्रयास करेगी कि अगले महाकुंभ के लिए भी अखाड़ों के संतों के लिए अभी से भूमि चिह्नित कर दी जाए ताकि संतों को किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।