उत्तराखंड: केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मिले सीएम धामी, ऋषिकेश में स्पेशल टूरिज्म जोन योजना की मंजूरी की मांग
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में पर्यटन विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी से भेंट की और उन्हें उत्तराखंड आने का न्योता दिया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री से ऋषिकेश के आईडीपीएल में स्पेशल टूरिज्म जोन योजना को प्रशासनिक मंजूरी देने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में पर्यटन विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को पर्यटन, तीर्थाटन के साथ ही साहसिक खेलों के विश्व स्तरीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि आईडीपीएल ऋषिकेश में 600 एकड़ में बायोडायवर्सिटी पार्क, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, रिजार्ट, होटल, वेलनेस सेंटर बनाए जाने प्रस्तावित हैं।
उन्होंने गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाए जाने के लिए 55 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिए जाने पर आभार व्यक्त किया। केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन विकास के लिए पर्यटन मंत्रालय द्वारा हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट, मुख्यमंत्री के अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार व पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित थे।
चीन-नेपाल सीमा के गांवों से पलायन रोकना जरूरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत से कहा कि चीन और नेपाल से सटी उत्तराखंड की सीमा पर स्थित गांवों से पलायन रोकना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने सीमांत इलाकों में पलायन रोकने की योजनाओं पर तेजी से काम किए जाने की आवश्यकता जताई।
नई दिल्ली में सीडीएस जनरल रावत व राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ) के चीफ अनिल धस्माना से उनकी उत्तराखंड सदन शिष्टाचार भेंट हुई। उन्होंने उत्तराखंड के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। विशेष तौर पर सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सीमाएं चीन व नेपाल से लगने के कारण यहां के सामरिक महत्व को देखते हुए राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में बॉर्डर एरिया विकास कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए।
विशेष तौर पर सीमांत क्षेत्रों से पलायन को रोकने की योजनाओं पर काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रणनीतिक महत्व को देखते हुए सड़कों व पुलों के निर्माण के लिए जरूरी औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा किया जा रहा है।
बाहर से आने वाले संदिग्धों के सत्यापन पर चर्चा
उन्होंने राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में बाहर से आने वाले संदिग्ध लोगों के पुलिस सत्यापन पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आपदा की दृष्टि से भी संवेदनशील राज्य है। आपदा की स्थिति में राहत व बचाव कार्यों में सेना ने सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार व सैन्य प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय है।
भर्ती रैलियां दोबारा शुरू हों
मुख्यमंत्री ने राज्य में कोविड के कारण नहीं हो पाई भर्ती रैलियों को दोबारा शुरू किए जाने का अनुरोध किया। सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में हर संभव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।
ड्रोन तकनीक के लिए मिलेगा सहयोग
एनटीआरओ चीफ अनिल धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड में ड्रोन टेक्नोलॉजी के विकास के लिए पूरी सहायता दी जाएगी।