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बर्बादी : यूपीसीएल में धूल फांक रही लाखों की कीमत की कारें, अब पार्किंग का हिस्सा बनकर रह गईं
Wed, 02 Dec 2020 12:20 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 02 Dec 2020 12:20 PM IST
सार
- पावर कारपोरेशन ने अधिकारियों के लिए जो वाहन खरीदे, वह अब धूल से पटे
- छह कारें पार्किंग का हिस्सा बनकर रह गईं, यूपीसीएल ने कहा-तकनीकी खामियों की वजह से खड़ी कारें
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixabay
विस्तार
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में लाखों रुपये कीमत की कारें धूल फांक रही हैं। विभाग ने न तो इन्हें चलाने की जरूरत समझी और न ही इन्हें नीलाम करने की। इनकी जगह यूपीसीएल ने नई कारें खरीद ली।
बल्लीवाला चौक स्थित ऊर्जा भवन की पार्किंग में छह कारें लंबे समय से खड़ी हुई हैं। इनमें पांच एंबेसेडर और एक दूसरी कंपनी की कार है। इन्हें देखने पर लग रहा है कि लाखों की कीमत की इन कारों की लंबे समय से किसी ने सुध ही नहीं ली है।
यूपीसीएल प्रबंधन ने अधिकारियों के लिए यह कारें खरीदी थीं। उन सभी के लिए नई खरीदी जा चुकी हैं लेकिन यह पुरानी कारें धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो रही हैं।
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ई-कारें भी नहीं आ रही पूरे काम
यूपीसीएल ने चार ई-कारों की खरीद की थी। यह सभी चल तो रही हैं, लेकिन बेहद कम दूरी तक। इनकी बैटरी थोड़ी दूर चलने के बाद ही डिस्चार्ज हो जाती है। हालांकि यूपीसीएल प्रबंधन का कहना है कि जिस मकसद से यह खरीदी गई थी, उसमें इनका इस्तेमाल किया जा रहा है।
हो सकता है कि इन कारों में कोई तकनीकी खामी हो। इन्हेें चेक कराया जाएगा। अगर ठीक होंगी तो संचालित की जाएंगी। -एके सिंह, डायरेक्टर एचआर, यूपीसीएल
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बल्लीवाला चौक स्थित ऊर्जा भवन की पार्किंग में छह कारें लंबे समय से खड़ी हुई हैं। इनमें पांच एंबेसेडर और एक दूसरी कंपनी की कार है। इन्हें देखने पर लग रहा है कि लाखों की कीमत की इन कारों की लंबे समय से किसी ने सुध ही नहीं ली है।
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यूपीसीएल प्रबंधन ने अधिकारियों के लिए यह कारें खरीदी थीं। उन सभी के लिए नई खरीदी जा चुकी हैं लेकिन यह पुरानी कारें धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो रही हैं।
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ई-कारें भी नहीं आ रही पूरे काम
यूपीसीएल ने चार ई-कारों की खरीद की थी। यह सभी चल तो रही हैं, लेकिन बेहद कम दूरी तक। इनकी बैटरी थोड़ी दूर चलने के बाद ही डिस्चार्ज हो जाती है। हालांकि यूपीसीएल प्रबंधन का कहना है कि जिस मकसद से यह खरीदी गई थी, उसमें इनका इस्तेमाल किया जा रहा है।
हो सकता है कि इन कारों में कोई तकनीकी खामी हो। इन्हेें चेक कराया जाएगा। अगर ठीक होंगी तो संचालित की जाएंगी। -एके सिंह, डायरेक्टर एचआर, यूपीसीएल