उत्तराखंड: सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का अभियान आज से शुरू, 30 अक्तूबर तक होगा सुधारीकरण
बरसात के कारण प्रदेशभर में सड़कों का बुरा हाल है। शहर से लेेकर गांव तक की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। मंगलवार को प्रदेश की सड़कों को गड्ढों से मुक्त करने के लिए शासनस्तर पर बैठक आयोजित की गई।
विस्तार
प्रदेश में 15 सितंबर से 30 अक्तूबर तक चरणबद्ध रूप से सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चलेगा। इसके तहत प्रदेशभर में 1890 किमी सड़कों का सुधारीकरण और डामरीकरण किया जाएगा। शासन की ओर से इस काम के लिए तीन सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
बरसात के कारण प्रदेशभर में सड़कों का बुरा हाल है। शहर से लेेकर गांव तक की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। मंगलवार को प्रदेश की सड़कों को गड्ढों से मुक्त करने के लिए शासनस्तर पर बैठक आयोजित की गई। अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक आयोजित की गई। बैठक में बरसात और अन्य विकास योजनाओं के कारण सड़क पर हुए गड्ढों से यातायात में होने वाली असुविधा और जाम की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग और नगर निकायों की ओर से 15 सितंबर से 30 अक्तूबर तक प्रदेशभर में चरणबद्ध रूप से सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चलाया जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण, सचिव वित्त, नगर विकास, आवास, आपदा प्रबंधन, एमडीडीए, मुख्य नगर अधिकारी, लोक निर्माण के विभागाध्यक्ष आदि उपस्थित थे।
जिलाधिकारी प्रत्येक सप्ताह की देंगे रिपोर्ट
प्रदेश में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए बुधवार से शुरू हो रहे अभियान पर शासन की कड़ी नजर रहेगी। इसके लिए प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की ओर से समस्त जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। जिलों में होने वाले पैच वर्क, डामरीकरण और सुधारीकरण के अन्य कार्यों की गुणवत्ता और कार्य की प्रगति पर जिलाधिकारी नजर रखेंगे। इसके साथ ही प्रति सप्ताह रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएंगे।
मानसून की अवधि में सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा है। गड्ढों युक्त सड़कों पर आवागमन करने से दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए शासन के अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। गुणवत्ता और समय से कार्य पूरा करने के लिए कहा गया है। कार्य की प्रगति की रिपोर्ट जिलों से प्रति सप्ताह देने को भी कहा गया है।
- सतपाल महाराज, लोनिवि मंत्री
इधर, बारिश बन रही बाधा...
प्रदेश में दो दिन से रूक रूककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग की ओर से अगले तीन दिन और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण सड़कों को खोलने के काम में भी बाधा आ रही है। मंगलवार तक प्रदेश में एक चार नेशनल हाईवे समेत कुल 208 सड़कें बंद थीं। इनमें चार राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा 17 स्टेट हाईवे, छह जिला मार्ग, दस अन्य जिला मार्ग, 74 ग्रामीण सड़कें और 97 ग्रामीण सड़कें पीएमजीएसवाई की यातायात के लिए बाधित थीं। जबकि मंगलवार को कुल 54 सड़कों को खोलने का काम किया गया। सड़कों को खोलने के काम में 313 जेसीबी मशीनों को लगाया है।
काम खत्म होने तक स्मार्ट सिटी को करना होगा सड़कों का रख रखाव
शासन ने स्मार्ट सिटी के तहत स्मार्ट बनाई जा रहीं सड़कों के लिए समयसीमा तय करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जिन सड़कों की कटिंग की अनुमति दी गई है, कार्य शुरू होने से समाप्त होने तक उनके रख-रखाव की जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी की ही होगी। निर्माण कार्य पूरा होने पर स्मार्ट सिटी विभाग मरम्मत के लिए लोनिवि को बजट उपलब्ध कराएगा।
शासन के इस आदेश से जहां दोनों विभाग की बीच खींचतान कम होगी, वहीं कार्यों में तेजी आने की भी उम्मीद की जा रही है। दरअसल, स्मार्ट सिटी की ओर से प्रिंस चौक से आराघर, घंटाघर से लेकर किशननगर चौक, घंटाघर से दिलाराम चौक और बहल चौक से आराघर तक की सड़क को स्मार्ट बनाया जा रहा है। इन रोडों पर डक्ट, सीवर, नाली, पेयजल लाइन डालने का काम किया जाना है।
इसके लिए शासन ने स्मार्ट सिटी विभाग को रोड कटिंग की अनुमति देते हुए इसके लिए नौ माह की समय सीमा तय की है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि कार्यों के शुरू होने से समाप्त होने तक इन सड़कों के रखरखाव स्मार्ट सिटी को खुद करना होगा।
कार्य समाप्ति तक इन सड़कों को यातायात के लिए सुलभ कराने का दायित्व भी संबंधित कार्यदायी संस्था का होगा। इससे सटी सड़कों जहां विभाग सीवर, पेयजल लाइन बिछाएगा, कार्य पूरा होने के बाद उनकी मरम्मत के लिए स्मार्ट सिटी विभाग लोनिवि को बजट उपलब्ध कराएगा।
शासन ने आदेश से लोक निर्माण विभाग को भी राहत मिलेगी। क्योंकि अभी तक हो यह रहा है कि जिस सड़क की विभाग ने मरम्मत की थी, उस पर दोबारा से स्मार्ट सिटी विभाग खोदाई कर दे रहा था। इससे सड़क दोबारा से पूर्व स्थिति में आ जा रही थी। इस आदेश के बाद अब काम में तेेजी आने की उम्मीद है।
- डीसी नौटियाल, ईई, प्रांतीय खंड, लोनिवि