फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand News: Ban on registration of health workers and frontline workers

उत्तराखंड: हेल्थ वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर के पंजीकरण पर लगी रोक, स्वास्थ्य मंत्रालय के संज्ञान में आई गड़बड़ी

Thu, 20 May 2021 11:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 20 May 2021 11:54 PM IST
सार

बुधवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविन पोर्टल पर हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर के पंजीकरण पर रोक लगा दी है, हालांकि, 45 वर्ष व इससे अधिक आयु वर्ग का पंजीकरण पोर्टल पर जारी रहेगा।

विज्ञापन
Uttarakhand News: Ban on registration of health workers and frontline workers
कोरोना वैक्सीनेशन - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविन पोर्टल पर हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर के पंजीकरण पर रोक लगा दी है। यह रोक कई राज्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने के बाद लगाई गई है।

विज्ञापन


उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में 8006 मरीज हुए ठीक, 3658 नए संक्रमित मिले
विज्ञापन


स्वास्थ्य मंत्रालय में सचिव राजेश भूषण की ओर से सभी राज्यों को एक पत्र भेजा गया है। जिसमें बताया गया है कि हेल्थ केयर वर्कर के लिए 16 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू किया गया था जबकि फ्रंट लाइन वर्कर के लिए वैक्सीनेशन दो फरवरी से शुरू कर दिया गया था। इसके बाद 60 वर्ष से अधिक और 45 से 59 वर्ष आयु वर्ग वालों के लिए एक मार्च से टीकाकरण शुरू किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तराखंड: 30 से 60 साल आयु वर्ग के लोगों की जान पर ज्यादा भारी पड़ी कोरोना की दूसरी लहर

सरकार ने हेल्थ केयर वर्कर के लिए 25 फरवरी और फ्रंटलाइन वर्कर के लिए छह मार्च तक की तिथि तय की थी। कई राज्यों से मंत्रालय को सूचना मिली कि इसके बाद भी लगातार पंजीकरण कराए गए, जिससे कुछ ही दिनों में हेल्थ केयर वर्कर का डाटाबेस 24 फीसदी बढ़ गया। लिहाजा, हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी में नए पंजीकरण पर तत्काल रोक लगा दी गई है। अब 45 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग में पंजीकरण जारी रहेगा। 

कोरोना संक्रमित लोग ठीक होने के तीन माह बाद लगवा सकते हैं टीका

केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि कोरोना संक्रमित लोगों को ठीक होने के तीन माह बाद टीका लगना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की ओर से राज्य के मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि प्लाज्मा थेरेपी या एंटीबॉडी का उपचार लेने वाले लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के तीन माह बाद ही टीका लगना चाहिए।

ऐसे लोगों को जिनको पहला टीका लग चुका था और वे उसके बाद संक्रमित हुए, इन लोगों को भी ठीक होने के तीन माह बाद ही टीका लगना चाहिए। ऐसे लोग जो गंभीर बीमारी के कारण अस्पताल में उपचार कराने या आईसीयू में भर्ती हुए थे।

उन्हें भी चार से आठ हफ्ते का इंतजार टीका लगाने के लिए करना चाहिए। सचिव के मुताबिक टीका लगाने या आरटीपीसीआर रिपोर्ट के नेगेटिव आने के 14 दिन बाद रक्तदान कर सकता है। शिशुओं को दूध पिलाने वाली माताएं टीका लगवा सकती हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed