उत्तराखंड: 30 से 60 साल आयु वर्ग के लोगों की जान पर ज्यादा भारी पड़ी कोरोना की दूसरी लहर
प्रदेश में कोविड काल में अब तक संक्रमितों का आंकड़ा तीन लाख पार कर चुका है। इसमें पुरुष संक्रमितों की संख्या 61.8 प्रतिशत है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर 30 से 60 साल आयु वर्ग की जान पर ज्यादा भारी पड़ी है। पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में इस आयु वर्ग के लोग संक्रमण की चपेट में ज्यादा आए। साथ ही मौत भी अधिक हुई है। जबकि जन्म से 20 वर्ष तक के आयु वर्ग में संक्रमण पहली लहर की अपेक्षा कम रहा है।
उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में 8006 मरीज हुए ठीक, 3658 नए संक्रमित मिले
कोरोना की दूसरी लहर में 30 से 60 साल की आयु वर्ग के लोगों की मृत्यु दर बढ़ी है। प्रदेश की पहली लहर में 30 से 39 आयु वर्ग में 5.3 प्रतिशत मौत हुई थी। जबकि दूसरी लहर में 9.0 प्रतिशत मरीजों की मौत हुई है। इसी तरह पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में 40 से 49 तक केे आयु वर्ग में कोरोना मरीजों की मौत 6.2 प्रतिशत बढ़ी है।
प्रदेश में कोरोना से हुईं मौत का ब्योरा
आयु वर्ग पहली लहर दूसरी लहर
जन्म से 9 वर्ष 0.3 प्रतिशत 0.2 प्रतिशत
10 से 19 0.9 0.2
20 से 29 3.2 2.6
30 से 39 5.3 9.0
40 से 49 11.6 17.4
50 से 59 21.6 23.2
60 से 69 26.2 24.2
70 से 79 21.5 16.4
80 से 90 8.8 6.6
90 से अधिक 0.6 0.2
अस्पतालों ने दी कई दिन पहले हुई 79 कोरोना संक्रमितों की मौत की रिपोर्ट
प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद सरकारी और निजी अस्पतालों में कई दिनों पहले हुई कोरोना मरीजों की मौत की हकीकत सामने आने लगी है। बृहस्पतिवार को निजी अस्पतालों ही नहीं सरकारी अस्पतालों में 79 कोरोना मरीजों की मौत का खुलासा हुआ है। जो कई दिन पहले हुई थी, लेकिन अस्पतालों ने इनकी डेथ ऑडिट की सूचना राज्य कोविड कंट्रोल रूम को नहीं दी थी।
प्रदेेश में कोरोना मरीजों की मौत थम नहीं रही है। अब तक प्रदेश में 5484 कोरोना मरीज दम तोड़ चुके हैं। वर्तमान में प्रदेश की मृत्यु दर 1.74 प्रतिशत है। जो राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पताल कोरोना मरीजों की मौत की सूचना समय पर राज्य कोविड कंट्रोल रूम को नहीं दे रहे हैं। जबकि सरकार की ओर से 24 घंटे के भीतर डेथ ऑडिट रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।
14 मई को हरिद्वार के बाबा बर्फानी अस्पताल में 65 लोगों की पहले ही मौत होने का खुलासा हुआ था। कोरोना मरीजों की मौत की जानकारी छिपाने को गंभीरता से लेते हुए 15 मई को सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने सख्त आदेश जारी किया था। जिसमें कोरोना मरीजों की मौत की सूचना समय पर नहीं देने वाले अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। अब सरकार की सख्ती के बाद सरकारी व निजी अस्पताल पूर्व में हुई कोरोना मरीजों की मौत की सूचना देने लगे हैं।
राज्य कोविड कंट्रोल रूम में चीफ ऑपरेटिंग आफिसर डॉ. अभिषेक त्रिपाठी का कहना है कि सरकार की सख्ती के बाद अस्पताल पूर्व में हुई कोरोना मरीजों की मौतों की सूचना बता रहे हैं। शासन की ओर से सभी सीएमओ को समय पर सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी कोई अस्पताल मौत की जानकारी छिपाता है तो मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।