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आयुर्वेद चिकित्सकों से सर्जरी का स्वागत, भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के अध्यक्ष ने बताया सही फैसला
Wed, 09 Dec 2020 09:45 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 09 Dec 2020 09:45 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. दर्शन कुमार शर्मा ने आयुष मंत्रालय के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसके तहत आयुर्वेद पीजी पास छात्र सर्जरी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में इसी हिसाब से पीजी छात्रों के लिए सर्जरी का पाठ्यक्रम जोड़ा जाएगा।
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डॉ. दर्शन कुमार शर्मा ने कहा कि शल्य क्रिया की मूल उत्पत्ति आयुर्वेद से ही हुई है। प्रदेश के सुदूर गांवों तक आयुर्वेद चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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अगर आयुर्वेद के इन चिकित्सकों को सर्जरी भी पढ़ाई और सिखाई जाएगी तो निश्चित तौर पर पहाड़वासियों को इससे लाभ मिलेगा। उन्हें छोटे ऑपरेशन के लिए भी दूर दराज के अस्पतालों में नहीं जाना होगा।
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